Haldwani: बनभूलपुरा रेलवे भूमि अतिक्रमण मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अहम फैसला सुना सकता है। फैसले से पहले पूरा इलाका सुरक्षा घेरे में बदल चुका है। जिला प्रशासन और पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर कठोर कदम उठाए हैं। दोपहर बाद सुप्रीम कोर्ट का निर्णय आने की संभावना है, जिसके मद्देनज़र भारी फोर्स की तैनाती की गई है।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की लगभग 30 हेक्टेयर भूमि पर अतिक्रमण का मामला 2023 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। आज होने वाले महत्वपूर्ण फैसले को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्जन कर दिए हैं और PAC के साथ-साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया है।
ड्रोन कैमरों से इलाके की लगातार निगरानी की जा रही है। कुल 7 ड्रोन बनभूलपुरा पर नजर बनाए हुए हैं।
सोमवार को पुलिस ने एक्शन लेते हुए 21 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था, जबकि 121 लोगों पर निरोधात्मक कार्रवाई की गई। आज भी कई संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
एसएसपी मंजूनाथ टीसी का सख्त संदेश
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने स्पष्ट कहा कि यदि कोई दंगा भड़काने या माहौल बिगाड़ने की साजिश रचता है तो सीधे जेल भेजा जाएगा।
सोशल मीडिया पर भी पुलिस की पैनी नजर है। किसी भी भड़काऊ टिप्पणी, अफवाह या उकसावे पर कठोर कार्रवाई होगी।

उन्होंने बताया कि—
- 3 एसपी
- 4 सीओ
- 8 से अधिक इंस्पेक्टर
- 8 एसएचओ/एसओ
- 400 से अधिक पुलिस बल
- 2 कंपनी PAC
- फायर यूनिट्स, फायरिंग स्क्वाड, टीयर गैस स्क्वाड
तैनात किए गए हैं।
इसके अलावा 23 लोगों को प्रीवेंटिव डिटेंशन में रखा गया है, जो माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे।
एसएसपी ने कहा—
“कोर्ट के आदेश पर टिप्पणी, कटाक्ष या हिंसा—किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं होगी। ITBP और CRPF को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर तुरंत एक्शन लिया जाएगा।”
मामले की पृष्ठभूमि
- वर्ष 2023 में हाईकोर्ट ने अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे।
- विरोध बढ़ने पर मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा और कार्रवाई रोक दी गई।
- बनभूलपुरा की 30 हेक्टेयर भूमि पर लगभग 3,660 पक्के मकान बने हैं।
- यहां 5,000 से अधिक परिवार, और करीब 50,000 लोग रहते हैं।
- पिछले वर्ष 8 फरवरी को अतिक्रमण हटाते समय भारी हिंसा हुई थी, जिसमें जानमाल का नुकसान हुआ था व थाना जलाया गया था।
सोमवार को RPF और जिला पुलिस ने फ्लैग मार्च किया और लोगों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की।
प्रशासन ने कहा—
“अफवाहों पर ध्यान न दें, कोर्ट के फैसले का सम्मान करें।”


Chief Editor, Aaj Khabar
