Haldwani: शनिवार रात की तेज बारिश के बाद गोला नदी पर बने पुल की एप्रोच रोड एक बार फिर धंस गई, जिससे करोड़ों की लागत से हो रहे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यह वही स्थान है जहां पूर्व में भी सड़क धंसने की घटना हो चुकी है।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वहीं, एनएचएआई के जूनियर इंजीनियर ने बताया कि भारी वर्षा के कारण सड़क के नीचे डाली गई मिट्टी बह गई, जिससे सड़क कमजोर होकर बैठ गई। फिलहाल युद्धस्तर पर मरम्मत का कार्य किया जा रहा है, जिसमें सड़क को फिर से भरने और कंक्रीट की परत डालने का काम शामिल है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल पुल को कोई सीधा खतरा नहीं है और स्थिति नियंत्रण में है। हालांकि, बार-बार सड़क धंसने की घटनाओं ने सरकार और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एनएचएआई द्वारा मरम्मत किए जा रहे इस मार्ग पर पहले ही सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये खर्च किए जा चुके हैं।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों में आक्रोश है और उन्होंने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक दोषी एजेंसियों और ठेकेदारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की जाएगी, तब तक ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रहेगी।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में जिलाधिकारी वंदना सिंह ने भी गोला पुल निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था और कार्य को जल्द तथा मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके, बार-बार एक ही स्थान पर क्षति का होना निर्माण की गुणवत्ता, तकनीकी निगरानी और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है।
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Chief Editor, Aaj Khabar

