Haldwani: 17 मई को विश्वभर में “विश्व उच्च रक्तचाप दिवस” मनाया जा रहा है। इस अवसर पर लोगों को हाई ब्लड प्रेशर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उच्च रक्तचाप को “साइलेंट किलर” कहा जाता है क्योंकि शुरुआती चरण में इसके लक्षण सामान्यतः दिखाई नहीं देते, लेकिन धीरे-धीरे यह शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रकाश पंत ने बताया कि वर्तमान समय में बदलती जीवनशैली, मानसिक तनाव, अनियमित खान-पान, अधिक नमक का सेवन, मोटापा, धूम्रपान, शराब सेवन और शारीरिक निष्क्रियता के कारण हाई ब्लड प्रेशर के मरीज तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब युवा वर्ग भी बड़ी संख्या में इस बीमारी की चपेट में आ रहा है, जो चिंता का विषय है।
डॉ. पंत के अनुसार अनियंत्रित उच्च रक्तचाप हृदयाघात, स्ट्रोक, हार्ट फेल्योर, किडनी रोग और आंखों से जुड़ी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकता है। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और नियमित उपचार से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए लोगों को नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच करानी चाहिए और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करना चाहिए।
उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, योग, पर्याप्त नींद और तनाव नियंत्रण हाई ब्लड प्रेशर से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। साथ ही लोगों से “अपना ब्लड प्रेशर जानें” अभियान से जुड़कर अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने की अपील की।
विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, समय पर पहचान और नियमित उपचार ही उच्च रक्तचाप से होने वाली गंभीर जटिलताओं को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।

Chief Editor, Aaj Khabar
