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Haridwar: हरिद्वार में नकली नोट गिरोह का बड़ा भंडाफोड़, पंजाब से दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार, छह आरोपी सलाखों के पीछे

Haridwar: हरिद्वार में नकली नोट गिरोह का बड़ा भंडाफोड़, पंजाब से दो मास्टरमाइंड गिरफ्तार, छह आरोपी सलाखों के पीछे
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Haridwar: उत्तराखंड के हरिद्वार में नकली नोट खपाने वाले गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ है। हरिद्वार पुलिस ने मामले में पंजाब से गिरोह के दो मास्टरमाइंड सुखबीर सिंह और पवन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले पुलिस चार आरोपियों को हरिद्वार में नकली नोट चलाते हुए गिरफ्तार कर चुकी थी। अब इस मामले में कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

एसपी सिटी अभय सिंह ने मायापुर स्थित कार्यालय में प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि 6 जुलाई को नगर कोतवाली पुलिस ने सरजीत सिंह, टिंकू, सुमित कुमार और संजीव कुमार को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 500-500 रुपये के कुल 84,500 रुपये के नकली नोट बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि आरोपी हरिद्वार में करीब 10 हजार रुपये के नकली नोट बाजार में चला चुके थे।

पुलिस ने 10 जुलाई को टिंकू और सुमित को पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की, जिसमें गिरोह के दो अन्य मुख्य आरोपियों के नाम सामने आए। इसके बाद पुलिस टीम पंजाब पहुंची और गुरदासपुर निवासी 32 वर्षीय पवन कुमार को 5 हजार रुपये तथा अमृतसर निवासी 52 वर्षीय सुखबीर सिंह को 1 लाख रुपये के नकली नोटों के साथ पठानकोट हाईवे स्थित बापू दा ढाबा के पास से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से नकली नोट छापने में इस्तेमाल किया गया प्रिंटर और एक कार भी बरामद की।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि पवन ढाबे की आड़ में और सुखबीर कपड़ों के कारोबार की आड़ में नकली नोटों का धंधा चला रहे थे। दोनों असली 50 हजार रुपये के बदले 1 लाख रुपये के नकली नोट देकर मोटा मुनाफा कमाते थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी नकली नोट छापने के बाद उन्हें धूप और धूल-मिट्टी में रखते थे ताकि वे असली जैसे दिखाई दें और आसानी से बाजार में चल सकें।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सुखबीर वर्ष 2020 में बैंक फ्रॉड और 2024 में जाली करेंसी के मामले में पंजाब के बटाला थाने से जेल जा चुका है। वहीं पवन वर्ष 2022 में एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल गया था। दोनों की दोस्ती जेल में हुई, जिसके बाद उन्होंने नकली नोट छापकर अवैध कमाई करने की साजिश रची।

एसपी सिटी अभय सिंह ने बताया कि दोनों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है और यह पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने अब तक किन-किन राज्यों में नकली नोटों की सप्लाई की है।

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