Haridwar: हरिद्वार जिले के मंगलौर क्षेत्र में 35 लाख रुपये मूल्य के 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामदगी मामले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने गिरोह के एक और सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी अंकित कुमार प्रजापति पर मुख्य आरोपी सचिन मनिहाल के लिए उत्तराखंड में रिसीवर और डिस्ट्रीब्यूटर के रूप में काम करने का आरोप है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत एसटीएफ लगातार नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में 11 मई को एसटीएफ, एएनटीएफ और मंगलौर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने 18 हजार प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए थे, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच एसटीएफ देहरादून को सौंपी गई।
विवेचना के दौरान गिरफ्तार आरोपी सचिन मनिहाल से मिले साक्ष्यों, बैंक खातों के विश्लेषण, डिजिटल सबूतों और तकनीकी जांच के आधार पर अंकित कुमार प्रजापति की भूमिका सामने आई। जांच में खुलासा हुआ कि जनवरी 2026 से वह SPASMORE (Tramadol) कैप्सूल की खेप प्राप्त कर हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में अवैध सप्लाई करता था। बिक्री से मिली रकम में कमीशन काटकर शेष धनराशि नकद और बैंक खाते के माध्यम से मुख्य आरोपी तक पहुंचाई जाती थी।
एसटीएफ के अनुसार, आरोपी को अब तक करीब 77 पेटियां यानी लगभग 6,930 डिब्बे प्रतिबंधित कैप्सूल विभिन्न खेपों में मिले थे। 27 अप्रैल 2026 को भेजी गई खेप की पुष्टि बैंक लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों से हुई है। जांच में यह भी सामने आया कि पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी ने व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड डिलीट कर दिए थे, जिसकी पुष्टि डिजिटल जांच में हुई।
एसटीएफ ने अंकित कुमार प्रजापति को विधिक प्रक्रिया के तहत गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद कर सीज कर दिए हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पंजाब, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में चार मुकदमे दर्ज हैं। पूरे सप्लाई नेटवर्क, बैंक खातों, आर्थिक लेन-देन और अन्य सहयोगियों की जांच जारी है तथा जल्द ही अन्य आरोपियों के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
