Mathura: यमुना एक्सप्रेसवे पर मंगलवार तड़के घने कोहरे ने भीषण तबाही मचा दी। बलदेव थाना क्षेत्र में 127 किलोमीटर माइलस्टोन के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक के बाद एक सात बसें और तीन कारें आपस में टकरा गईं। टक्कर के बाद कई वाहनों में आग लग गई, जिससे अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक यात्री घायल बताए जा रहे हैं।
यह हादसा सुबह करीब 3:30 बजे हुआ, जब दृश्यता लगभग शून्य थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कोहरे के कारण आगे चल रहे वाहनों का अंदाजा नहीं लग पाया और अचानक टक्कर का सिलसिला शुरू हो गया। कुछ ही पलों में कई वाहन चपेट में आ गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई बसों और कारों में धमाके के साथ आग लग गई, जिससे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण की टीमें मौके पर पहुंचीं। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया और घायलों को वाहनों से बाहर निकाला गया। प्रशासन के अनुसार, घटनास्थल से 17 बैग में कंकाल और जले हुए अवशेष एकत्र किए गए हैं।
घायलों को जिला अस्पताल मथुरा, 100 शैय्या अस्पताल वृंदावन और बलदेव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया है। 38 लोग जिला अस्पताल में, जबकि 39 लोग बलदेव सीएचसी में उपचाराधीन हैं।
कानपुर निवासी अमन यादव ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ बांके बिहारी मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। कोहरा इतना घना था कि कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था, तभी अचानक उनकी कार में टक्कर हो गई और उसके बाद कई वाहन एक-दूसरे से टकराते चले गए।
वहीं हमीरपुर की नसीमा ने बताया कि वह अपने पति के साथ मजदूरी के लिए पानीपत जा रही थीं। उनकी बस सामने से आ रही दूसरी बस से टकरा गई, जिसके बाद उसमें तेजी से आग फैल गई। वह किसी तरह बच निकलीं, लेकिन उनके पति गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे के बाद आगरा से नोएडा की ओर जाने वाले यमुना एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया, जिसे बाद में यातायात पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से धीरे-धीरे सुचारू कराया।
मंडल आयुक्त शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि चार शवों की पहचान हो चुकी है, जबकि अन्य की शिनाख्त के लिए टीमें लगी हुई हैं। प्रशासन ने फिलहाल 13 मौतों की पुष्टि की है, हालांकि मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

Chief Editor, Aaj Khabar
