Nainital: बसंत पंचमी पर्व के अवसर पर शुक्रवार को नैनीताल जिले में मौसम ने अचानक करवट ली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में साल की पहली बर्फबारी दर्ज की गई। मुक्तेश्वर, रामगढ़, धानाचूली, नाई और मनाघेर क्षेत्रों में शुक्रवार शाम हुई बर्फबारी से तापमान में गिरावट आई, वहीं लंबे समय से बर्फबारी का इंतजार कर रहे सेब उत्पादक किसानों के चेहरों पर रौनक लौट आई।
शुक्रवार की शाम हुई इस वर्ष की पहली बर्फबारी को सेब उत्पादक किसानों के लिए बेहद लाभकारी माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि बर्फबारी से सेब के पौधों को आवश्यक ‘चिलिंग आवर्स’ पूरे होंगे, जिससे आगामी सीजन में उत्पादन बेहतर होने की उम्मीद है। किसानों को आशा है कि शनिवार को भी अच्छी मात्रा में बर्फबारी हो सकती है, जो बागवानी के लिए और अधिक फायदेमंद साबित होगी।
बर्फबारी के साथ हुई बारिश को लेकर भी किसानों में उत्साह देखा जा रहा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार यह मौसम गेहूं, जौ, सरसों और हरी सब्जियों जैसी रबी फसलों के लिए बेहद उपयोगी है। मिट्टी में नमी बढ़ने से फसलों की बढ़वार बेहतर होगी और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी कम होगा।
बर्फबारी के बाद पर्वतीय इलाकों में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। बदले मौसम ने पर्यटन स्थलों की खूबसूरती भी बढ़ा दी है। मुक्तेश्वर और रामगढ़ जैसे क्षेत्रों में बर्फ की हल्की परत जमने से नजारे और मनमोहक हो गए हैं, जिससे सैलानियों में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है।
कुल मिलाकर, बसंत पंचमी पर हुई साल की पहली बर्फबारी को किसान प्राकृतिक वरदान मान रहे हैं। सेब बागानों से लेकर रबी फसलों तक, इस मौसम परिवर्तन से आने वाले समय में बेहतर उत्पादन और अच्छी पैदावार की उम्मीद जताई जा रही है।

Chief Editor, Aaj Khabar
