॰ 3 नवंबर को होगी अगली सुनवाई, रेखा आर्या के पति ने मुकदमा निरस्त करने के साथ गिरफ्तारी पर रोक लगाने की लगाई है मांग
Nainital: उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या के पति गिरधारी लाल साहू को नैनीताल हाईकोर्ट से फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है। गिरफ्तारी पर रोक लगाने और अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को निरस्त करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर शुक्रवार, 30 अक्टूबर को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। न्यायालय ने मामले में सरकार और शिकायतकर्ता को 3 नवंबर तक अपना जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में हुई। याचिकाकर्ता गिरधारी लाल साहू ने अपनी याचिका में आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा झूठे और गलत तथ्यों पर आधारित है। उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है। उन्होंने अदालत से गिरफ्तारी पर रोक लगाने और मुकदमे को निरस्त करने की मांग की है।
गिरधारी लाल साहू का कहना है कि उनकी शादी वर्ष 2004 में हुई थी और तब से वह अपनी पत्नी के साथ रह रहे हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में आरोप लगाया गया है कि गिरधारी लाल साहू ने शादी के समय खुद को अविवाहित बताया था, जबकि वह पहले से शादीशुदा थे। इसके अलावा उन पर जालसाजी कर रेखा आर्या के फर्जी हस्ताक्षर बनाने और उन्हें कई कंपनियों के निदेशक पद से हटाने का भी आरोप है।
मुकदमे में गिरधारी लाल साहू पर जान से मारने की धमकी देने और जातिसूचक अपशब्द कहने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, गिरधारी लाल साहू ने इन सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज किया है।
याचिका में गिरधारी लाल साहू ने अपनी पत्नी और कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या पर मंत्री बनने के बाद करीब 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। उनका दावा है कि दोनों के वैवाहिक संबंध 22 वर्षों से हैं और उनके बीच कभी कोई मनमुटाव नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि गलत तथ्यों के आधार पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
दरअसल, हाल ही में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अपने पति गिरधारी लाल साहू का एक कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर जारी किया था। इस ऑडियो में गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत करते सुनाई दे रहे हैं। इसके बाद रेखा आर्या ने एक वीडियो जारी कर अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
मंत्री रेखा आर्या ने देहरादून के कैंट थाने में गिरधारी लाल साहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि गिरधारी लाल साहू ने पहले से शादीशुदा होने की बात छिपाकर उनसे विवाह किया था। साथ ही उन्होंने अपनी और अपने बच्चे की जान को खतरा भी बताया था। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। घटना के बाद से गिरधारी लाल साहू फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस की अलग-अलग टीमें उनकी तलाश में जुटी हैं।
मुकदमा दर्ज होने के बाद गिरधारी लाल साहू ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपना पक्ष रखा था। उन्होंने रेखा आर्या पर मंत्री बनने के बाद करीब 210 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया था। उनका दावा था कि जब उन्होंने रेखा आर्या को कथित भ्रष्टाचार नहीं करने की बात कही तो उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।
फिलहाल हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को जवाब दाखिल करने का समय दिया है। अब 3 नवंबर को होने वाली सुनवाई में इस मामले में आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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Chief Editor, Aaj Khabar
