Haridwar Kumbh 2027 Uttarakhand Government
Headlines

New Delhi: कथित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के खिलाफ इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता, तड़के 4 बजे दिल्ली पुलिस ने लिया हिरासत में

New Delhi: कथित VIP की राज्यपाल पद पर नियुक्ति के खिलाफ इंडिया गेट पर धरने पर बैठे अंकिता भंडारी के माता-पिता, तड़के 4 बजे दिल्ली पुलिस ने लिया हिरासत में
शेयर करे-

॰ दिल्ली में न्याय की मांग कर रहे माता-पिता हिरासत में, समर्थन में पहुंचे राहुल-प्रियंका

New Delhi: अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर धरना दे रहे अंकिता के माता-पिता को गुरुवार सुबह दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटों बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। इस घटनाक्रम के बाद उत्तराखंड के चर्चित हत्याकांड को लेकर एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

जानकारी के मुताबिक, अंकिता भंडारी के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने और मामले से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की जांच की मांग को लेकर इंडिया गेट पर शांतिपूर्ण धरने पर बैठे थे। सुबह करीब चार बजे दिल्ली पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और उन्हें एहतियातन हिरासत में लेकर नजदीकी थाने ले गई। पुलिस के अनुसार, इंडिया गेट जैसे संवेदनशील क्षेत्र में बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन की इजाजत नहीं है। हालांकि, कुछ घंटों बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

अंकिता के माता-पिता के धरने की एक प्रमुख वजह मामले से जुड़े कथित वीआईपी की नॉर्थ ईस्ट के एक राज्य के राज्यपाल पद पर नियुक्ति को लेकर उठ रहे सवाल बताए जा रहे हैं। परिवार की मांग है कि संबंधित व्यक्ति की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जांच पूरी हुए बिना नियुक्ति नहीं की जानी चाहिए। धरने की जानकारी मिलने पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी समेत अन्य नेता भी अंकिता के माता-पिता से मिलने इंडिया गेट पहुंचे।

साल 2022 में उत्तराखंड के पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट निवासी 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अंकिता वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करती थीं। इस मामले में रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों सौरभ भास्कर तथा अंकित को गिरफ्तार किया गया था। जांच और मुकदमे के बाद अदालत ने तीनों आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

मामले की शुरुआत से ही एक कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। इसी संदर्भ में परिवार और विभिन्न पक्षों की ओर से निष्पक्ष जांच की मांग की जाती रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। सीबीआई जांच को लेकर मुख्य सवाल कथित वीआईपी की भूमिका और मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल पर केंद्रित रहा है।

अंकिता के माता-पिता की मांग है कि उनकी बेटी को न्याय मिले और मामले से जुड़े सभी सवालों का निष्पक्ष जांच के जरिए जवाब सामने आए। दिल्ली में धरने के दौरान हिरासत और रिहाई की घटना ने एक बार फिर इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में ला दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *