New Delhi: देश की सुरक्षा से जुड़े एक संवेदनशील विभाग में तैनात अधिकारी के घर से करोड़ों रुपये की नकदी मिलने से हड़कंप मच गया है। रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग में डिप्टी प्लानिंग ऑफिसर के पद पर तैनात लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के आवास पर की गई सीबीआई छापेमारी में 2.23 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए हैं। नोटों का अंबार ऐसा था कि उन्हें गिनते-गिनते अधिकारी तक थक गए।
सीबीआई सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई दुबई की एक कंपनी से कथित रूप से रिश्वत लेने के इनपुट के बाद की गई। छापेमारी के दौरान बंद कमरे में नोटों की गड्डियां बिखरी पड़ी थीं। अलमारियों में कपड़ों से ज्यादा गुलाबी नोटों के बंडल मिले। हालात ऐसे थे कि नोट गिनने के लिए लाई गई मशीनें तक गर्म हो गईं और टीम को घंटों तक नकदी की गिनती करनी पड़ी।
इस सनसनीखेज मामले में लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा की पत्नी कर्नल काजल बाली का नाम भी एफआईआर में दर्ज किया गया है। कर्नल काजल बाली वर्तमान में राजस्थान के श्रीगंगानगर में कमांडिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। सीबीआई का आरोप है कि पति-पत्नी दोनों ही इस रिश्वत नेटवर्क का हिस्सा थे और दुबई की एक कंपनी के इशारे पर यह पूरा खेल लंबे समय से चल रहा था।
जांच के दौरान श्रीगंगानगर से भी 10 लाख रुपये नकद और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि मामला केवल रिश्वत तक सीमित नहीं, बल्कि इसके तार किसी बड़े षड्यंत्र से भी जुड़े हो सकते हैं।
सीबीआई ने लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और रिश्वत देने के आरोपी विनोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने दोनों को 23 दिसंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब जांच एजेंसियों का फोकस उस दुबई स्थित कंपनी पर है, जिसके लिए कथित तौर पर यह पूरा नेटवर्क काम कर रहा था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस रिश्वत के बदले देश की सुरक्षा से जुड़ी कोई संवेदनशील जानकारी लीक की गई है।
यह मामला न केवल भ्रष्टाचार का है, बल्कि उस भरोसे के टूटने का भी है, जो देश की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों पर किया जाता है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो पूरे सिस्टम की नींव हिलना तय है।

Chief Editor, Aaj Khabar
