New Delhi: केंद्र सरकार ने इस बार के बजट में आयकरदाताओं को बड़ी राहत दी है। पिछले वित्तीय वर्ष में 9 लाख करोड़ का टैक्स देने वाले करदाताओं के लिए कई राहत भरी घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने पहली बार 6 टैक्स स्लैब पेश किए हैं, जिससे लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के राजस्व हानि का जोखिम उठाया गया है। इसका उद्देश्य टैक्स सेविंग को सीधे बाजार में लाना और आर्थिक प्रवाह को गति देना है।
आयकर में बड़ा बदलाव:
12 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वालों को अब कोई टैक्स नहीं देना होगा। वहीं, इससे अधिक आय वालों को भी 22,000 से 1,14,000 रुपये तक का कर लाभ मिलेगा। व्यापारियों को आयकर नियमों की जटिलताओं से राहत देने के लिए अलग से आयकर बिल पेश किए जाने की संभावना है।
विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा:
सरकार ने विनिर्माण क्षेत्र में तेजी लाने और युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर पैदा करने पर विशेष जोर दिया है। छोटे उद्यमियों को ऋण और क्रेडिट कार्ड सुविधाएं दी जाएंगी। राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना के तहत भारत को ‘वैश्विक खिलौना केंद्र’ बनाने की योजना भी प्रस्तुत की गई है।
किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था:
कृषि क्षेत्र में ‘धन धान्य योजना’ और सिंचाई सुधार की घोषणा की गई है। सरकार ने छह वर्षीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की भी शुरुआत की है। केसीसी ऋण सीमा को 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा:
स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए बजट आवंटन का स्पष्ट विवरण नहीं दिया गया है। हालांकि, 200 डे केयर कैंसर केंद्र स्थापित करने और मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने की घोषणा की गई है।
महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत:
महिलाओं के लिए बजट में कोई विशेष प्रावधान नहीं किया गया है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए ब्याज पर कर कटौती की सीमा 50,000 से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है।
आर्थिक चुनौतियों से निपटने की कोशिश:
इस बजट का उद्देश्य स्व-रोजगार को बढ़ावा देना, विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना और आर्थिक विकास को गति देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसका प्रभाव बजट के निष्पादन और कार्यान्वयन पर निर्भर करेगा।


Chief Editor, Aaj Khabar
