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Rudrapur: बाजपुर में अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश, 114 सिम और 77 एंटीना बरामद; बांग्लादेशी साइबर अपराधियों से संपर्क का खुलासा

Rudrapur: बाजपुर में अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश, 114 सिम और 77 एंटीना बरामद; बांग्लादेशी साइबर अपराधियों से संपर्क का खुलासा
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Rudrapur: उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर कुमाऊं यूनिट ने ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर में अवैध SIM Box टेलीकॉम गेटवे का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, यह नेटवर्क विदेशी और VoIP (Voice over Internet Protocol) कॉल को भारतीय मोबाइल नंबरों में बदलने के लिए संचालित किया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान एसटीएफ ने 114 एयरटेल सिम कार्ड, दो SIM Box, 77 एंटीना, राउटर और टेलीकॉम गेटवे से जुड़े अन्य उपकरण बरामद किए हैं।

एसटीएफ के मुताबिक, ऑपरेशन हॉट स्पॉट अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में मुरादाबाद निवासी 24 वर्षीय कादिर पुत्र जाबिर अली को बाजपुर के मुड़िया क्षेत्र में ईदगाह के पास स्थित एक मकान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस को सूचना मिली थी कि मकान में अवैध तरीके से टेलीकॉम गेटवे संचालित किया जा रहा है। इनपुट के आधार पर साइबर टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां आरोपी SIM Box के माध्यम से नेटवर्क संचालित करता मिला।

तलाशी के दौरान दो SIM Box, 77 एंटीना, 114 एयरटेल सिम कार्ड, सैमसंग मोबाइल फोन, इंटरनेट राउटर, LAN और USB केबल, कनेक्टर, पावर केबल, फाइबर वायर, मीडिया कन्वर्टर और अन्य उपकरण बरामद किए गए। एसटीएफ ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी SIM Box के जरिए विदेश से आने वाली इंटरनेट आधारित VoIP कॉल को भारतीय लोकल मोबाइल कॉल में परिवर्तित करता था। इसके बाद कॉल प्राप्त करने वाले व्यक्ति के मोबाइल पर विदेशी नंबर के बजाय भारतीय मोबाइल नंबर दिखाई देता था। एसटीएफ के अनुसार, इस तकनीक के जरिए कॉल करने वाले की वास्तविक पहचान और लोकेशन छिपाने में मदद मिल सकती है। अवैध गेटवे में अलग-अलग व्यक्तियों की आईडी पर जारी किए गए सिम कार्डों के इस्तेमाल की भी जानकारी सामने आई है।

प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी के बांग्लादेश के साइबर अपराधियों के संपर्क में होने और उनके माध्यम से आर्थिक लाभ प्राप्त करने की जानकारी मिली है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बताया कि वह करीब सात महीने से अवैध टेलीकॉम गेटवे का संचालन कर रहा था। एसटीएफ को आशंका है कि इस तरह के नेटवर्क का इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट, फर्जी अधिकारी बनकर ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किया जा सकता है। इसके अलावा अवैध टेलीकॉम गेटवे के संचालन से सरकारी राजस्व और टेलीकॉम कंपनियों को आर्थिक नुकसान पहुंचने की संभावना भी जांच के दायरे में है।

एसटीएफ के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी कादिर का पहले से भी साइबर अपराध से जुड़ा आपराधिक इतिहास सामने आया है। वर्ष 2023 में थाना कटघर, जनपद मुरादाबाद में SIM Box के माध्यम से अवैध टेलीकॉम गेटवे संचालित करने के मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। उस मामले में धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेजों और भारतीय तार अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके अतिरिक्त गैंगस्टर अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज होने की जानकारी दी गई है। वर्तमान में आरोपी जमानत पर था।

एसटीएफ अब आरोपी के साइबर नेटवर्क, बांग्लादेश से जुड़े संपर्कों, बैंक खातों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की जांच कर रही है। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड और टेलीकॉम उपकरणों का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे नेटवर्क से जुड़ी अन्य गतिविधियों और लोगों का पता लगाया जा सके।

साइबर इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि एसटीएफ आधुनिक साइबर फॉरेंसिक और तकनीकी संसाधनों की मदद से साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि फर्जी दस्तावेजों पर सिम उपलब्ध कराने वाले एजेंटों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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