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Haridwar: उत्तराखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की तैयारी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दिया आश्वासन

Haridwar: उत्तराखंड में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की तैयारी, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने दिया आश्वासन
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Haridwar: हरिद्वार में आयोजित नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट इंडिया (NUJI) के राष्ट्रीय अधिवेशन में पत्रकारों की सुरक्षा और उनके हितों को लेकर कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। इस दौरान उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के निर्माण में पत्रकारों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिस तरह उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना, उसी तरह यहां जल्द ही पत्रकार सुरक्षा कानून भी लागू किया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पत्रकार समाज का आईना होते हैं, जो न केवल सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रचार करते हैं, बल्कि उनकी कमियों को भी उजागर करते हैं। उन्होंने सम्मेलन के अगले सत्र के लिए सभी पत्रकारों को मसूरी आमंत्रित किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वर्चुअल माध्यम से अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्र पत्रकारिता स्वस्थ लोकतंत्र की आत्मा है, लेकिन मौजूदा समय में मीडिया कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अधिवेशन में हुई चर्चा देशभर में पत्रकारों के हित में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

NUJI के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज बिहारी ने उत्तराखंड में क्षेत्रीय पत्रकारिता के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास और हिंदी के विस्तार में स्थानीय पत्रकारों का अहम योगदान रहा है। हालांकि, सरकारी नीतियों के कारण छोटे अखबारों के संचालन में कई कठिनाइयां आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तराखंड में छोटे अखबारों और चैनलों को विज्ञापन देने में भेदभाव किया जाता है और सरकार को इस भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कदम उठाने चाहिए।

NUJI के राष्ट्रीय महामंत्री प्रदीप तिवारी ने अधिवेशन में पत्रकार सुरक्षा कानून, मीडिया काउंसिल और पत्रकार पेंशन योजना जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। उन्होंने मांग की कि सरकार केवल बड़े अखबारों को ही नहीं, बल्कि छोटे अखबारों और मझोले स्तर के पत्रकारों को भी विज्ञापन देने पर ध्यान दे, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके। उन्होंने यह भी आग्रह किया कि पत्रकारों को रेलवे पास जैसी पूर्व में उपलब्ध सुविधाएं फिर से बहाल की जाएं।

इस अधिवेशन में पत्रकार सुरक्षा कानून को लागू करने और पत्रकारों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई, जिससे उत्तराखंड इस क्षेत्र में भी अन्य राज्यों के लिए मिसाल पेश कर सके।

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