Uttarakhand: बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए विधिवत रूप से खोल दिए गए। वैदिक मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच कपाट खुलने के दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। इसके साथ ही प्रसिद्ध आदि कैलाश और ओम पर्वत दर्शन यात्रा का भी भव्य शुभारंभ हो गया।
कपाट उद्घाटन समारोह में स्थानीय जनता के साथ प्रशासनिक अधिकारी, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), पुलिस और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दर्शन कर विश्व कल्याण और क्षेत्र की समृद्धि की कामना की। धार्मिक मान्यता के अनुसार आदि कैलाश को भगवान शिव के प्रमुख धामों में विशेष स्थान प्राप्त है।
धारचूला में उपजिलाधिकारी आशीष जोशी ने देशभर से पहुंचे यात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पहले दिन 200 से अधिक श्रद्धालु यात्रा पर निकले। प्रशासन के अनुसार इनर लाइन परमिट के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से सैकड़ों यात्रियों को अनुमति प्रदान की गई है।
जिला प्रशासन ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। कठिन उच्च हिमालयी मार्ग को देखते हुए आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और संचार व्यवस्था को मजबूत किया गया है। अधिकारियों ने यात्रियों से मौसम के अनुसार सावधानी बरतने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस वर्ष श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा और प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ किया है, ताकि देश-विदेश से आने वाले भक्तों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

Chief Editor, Aaj Khabar
