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Dehradun: कांग्रेस के सीएम आवास कूच के बीच भाजपा का बड़ा ऐलान, 7 सितंबर को सभी जिलों में ‘समरसता-सौहार्द संकल्प धरना’

Dehradun: कांग्रेस के सीएम आवास कूच के बीच भाजपा का बड़ा ऐलान, 7 सितंबर को सभी जिलों में ‘समरसता-सौहार्द संकल्प धरना’
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॰हल्द्वानी प्रकरण पर भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार, खजान दास बोले- जातीय राजनीति से उत्तराखंड की सामाजिक समरसता से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

Dehradun: हल्द्वानी प्रकरण को लेकर कांग्रेस के 7 सितंबर को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास कूच के बीच भाजपा ने बड़ा ऐलान किया है। कांग्रेस की कथित जातीय राजनीति के विरोध में भारतीय जनता पार्टी 7 सितंबर को प्रदेश के सभी जिलों में ‘समरसता-सौहार्द संकल्प धरना’ आयोजित करेगी। भाजपा का कहना है कि हल्द्वानी की एक स्थानीय घटना को राजनीतिक और जातीय रंग देकर समाज को बांटने की कोशिश की जा रही है, जिसका पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।

कैबिनेट मंत्री खजान दास ने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की सामाजिक संस्कृति और सदियों पुरानी समरसता की परंपरा को समझे बिना छुआछूत जैसे गंभीर विषय को राजनीतिक हथियार बनाना कांग्रेस की संकीर्ण राजनीति को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सामाजिक ताने-बाने को जातीय संघर्ष में बदलने की कोशिश प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।

खजान दास ने कांग्रेस पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब हल्द्वानी की घटना से भाजपा का कोई संबंध नहीं है, तो कांग्रेस मुख्यमंत्री आवास का घेराव किस आधार पर कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस तथ्यों के आधार पर जवाब देने के बजाय सड़क पर प्रदर्शन कर पूरे प्रकरण को राजनीतिक रंग देने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को पहले घटना से जुड़े तथ्यों को स्पष्ट करना चाहिए और उसके बाद राजनीति करनी चाहिए। भाजपा के अनुसार, जिस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है, उसे लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना कांग्रेस की राजनीतिक हताशा को दर्शाता है।

खजान दास ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दलित सम्मान पर भाषण देने से पहले कांग्रेस के इतिहास और अपने आचरण का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि कांग्रेस का दलित प्रेम चुनाव और प्रेस कॉन्फ्रेंस तक ही क्यों दिखाई देता है और सत्ता-संगठन में वास्तविक हिस्सेदारी की बात आने पर उसका रवैया क्या रहता है।

उन्होंने 1977 में बाबू जगजीवन राम के कांग्रेस से अलग होने सहित कांग्रेस के भीतर दलित नेतृत्व से जुड़े राजनीतिक घटनाक्रमों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर दिखाई देता है। उन्होंने सवाल उठाया कि दशकों तक पार्टी में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने वाले वरिष्ठ दलित नेताओं को सर्वोच्च नेतृत्व की दौड़ में पर्याप्त राजनीतिक अवसर क्यों नहीं मिला।

खजान दास ने उत्तराखंड में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद कांग्रेस भवन में उनकी तस्वीर के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले का भी उल्लेख किया। साथ ही राजस्थान के बीकानेर में टिकट वितरण विवाद के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष मदन गोपाल मेघवाल के साथ कथित मारपीट के मामले का हवाला देते हुए उन्होंने कांग्रेस के दलित सम्मान के दावे पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि दलित सुरक्षा और सम्मान केवल राजनीतिक भाषणों का विषय नहीं होना चाहिए। किसी भी नागरिक को खतरा महसूस होने पर कानून की शरण लेने का अधिकार है और जांच एजेंसियां तथ्यों के आधार पर अपना काम करेंगी।

भाजपा नेता ने कहा कि 7 सितंबर को आयोजित होने वाला ‘समरसता-सौहार्द संकल्प धरना’ किसी समाज या वर्ग के खिलाफ नहीं है, बल्कि समाज को जाति के नाम पर बांटने वाली राजनीति के विरोध में है। उन्होंने कहा कि भाजपा उत्तराखंड की सामाजिक एकता, भाईचारे और समरसता को राजनीतिक स्वार्थ के लिए कमजोर नहीं होने देगी।

उन्होंने कांग्रेस पर जाति, धर्म और वोट बैंक की राजनीति के जरिए समाज को बांटने का आरोप लगाते हुए कहा कि उत्तराखंड की जनता नफरत और विभाजन की राजनीति के बजाय सामाजिक भाईचारे के साथ खड़ी है।

गौरतलब है कि हल्द्वानी शुद्धिकरण विवाद को लेकर कांग्रेस ने भी 7 सितंबर को मुख्यमंत्री आवास कूच का ऐलान किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के अनुसार, पार्टी के इस प्रदर्शन में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी एवं सांसद कुमारी शैलजा भी शामिल होंगी। इसी के बीच भाजपा ने प्रदेशभर में ‘समरसता-सौहार्द संकल्प धरना’ आयोजित करने की घोषणा की है।

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