Uttarakhand: उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, लेकिन इसके साथ ही एक चिंताजनक पहलू भी सामने आया है। यात्रा शुरू होने के महज 12 दिनों के भीतर 14 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिससे राज्य सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं।
चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ हुई थी। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खोले गए। यात्रा शुरू होने के बाद से लगातार श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है और अब तक साढ़े चार लाख से अधिक लोग दर्शन कर चुके हैं।
हालांकि, यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी तेजी से सामने आ रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, 30 अप्रैल को एक ही दिन में 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के मुताबिक, 19 अप्रैल से 30 अप्रैल शाम 5 बजे तक कुल 14 श्रद्धालुओं की मौत हुई है। इनमें केदारनाथ धाम में सबसे अधिक 8 मौतें दर्ज की गई हैं। वहीं, यमुनोत्री धाम में 3, गंगोत्री धाम में 1 और बदरीनाथ धाम में 2 श्रद्धालुओं की जान गई है।
सरकार ने यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की थीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हेल्थ एडवाइजरी भी जारी की गई थी, ताकि श्रद्धालु यात्रा से पहले और दौरान अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। इसके बावजूद लगातार बढ़ते मौतों के आंकड़े चिंता का विषय बने हुए हैं।
वर्तमान में पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम भी खराब बना हुआ है, जिससे यात्रियों की परेशानी और बढ़ रही है। ऐसे में विशेषज्ञों और प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी स्वास्थ्य स्थिति का आकलन कर ही यात्रा पर निकलें और आवश्यक सावधानियां जरूर बरतें।

Chief Editor, Aaj Khabar
