Uttarkashi: यमुनोत्री हाईवे पर सिलाई बैंड के पास देर रात बादल फटने की घटना में भारी तबाही मची है। इस आपदा में होटल निर्माण स्थल पूरी तरह तबाह हो गया, जिससे आठ से नौ मजदूर लापता हो गए हैं। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य में जुट गई हैं।
घटना रात करीब 12 बजे की बताई जा रही है, जब उत्तरकाशी जिले के पालीगाड़ ओजरी डाबरकोट के बीच बादल फटा। बड़कोट थानाध्यक्ष दीपक कठेत के अनुसार, निर्माण कार्य में लगे मजदूर टेंट में रह रहे थे जो तेज सैलाब में बह गए। अब तक लापता सभी मजदूर नेपाली मूल के बताए गए हैं। जिला अधिकारी प्रशांत आर्य ने पुष्टि की कि दस मजदूरों को सुरक्षित रेस्क्यू कर पालीगाड़ पहुंचाया गया है, जबकि लापता लोगों की तलाश जारी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख जताया और अधिकारियों से त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और अन्य एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं और गहन बचाव अभियान चला रही हैं।
जनपद उत्तरकाशी की बड़कोट तहसील के सिलाई बैंड क्षेत्र में हुए भूस्खलन की दुःखद घटना में कुछ श्रमिकों के लापता होने की सूचना प्राप्त हुई है।
एसडीआरएफ, एनडीआरएफ सहित अन्य दल घटनास्थल पर पहुंचकर सघन राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
इस मामले में निरंतर संबंधित अधिकारियों के…
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) June 29, 2025
आपदा प्रबंधन सचिव विनोद कुमार सुमन ने जानकारी दी कि सेना और पुलिस के जवान भी राहत कार्य में लगे हुए हैं। कुल 15 लोग फिलहाल बचाव कार्य में जुटे हैं और करीब 45 अन्य मार्ग में हैं। इलाके में भारी मलबा आने से मशीनें नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे रेस्क्यू में बाधा आ रही है। लापता मजदूरों के मलबे में या नदी में फंसे होने की आशंका है।
#WATCH | Dehradun | Disaster Management Secretary Vinod Kumar Suman says, "… Police and Army personnel nearby have started rescue operations and SDRF and NDRF teams have been deployed. 15 people are engaged in rescue work and about 45 people are on the way, who will reach in… https://t.co/X8HXKv7Uc2 pic.twitter.com/QMyLTAb3bb
— ANI (@ANI) June 29, 2025
बादल फटने के बाद यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बंद हो गया है। एनएच की टीम मार्ग खोलने का प्रयास कर रही है। ओजरी क्षेत्र में सड़क पूरी तरह नष्ट हो गई है, जबकि खेतों में मलबा भर गया है। स्याना चट्टी के पास पुल पर भारी मलबा आने से यमुना नदी का बहाव रुक गया और झील बनती दिख रही है, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई है।
इस बीच, राज्य में मानसून के सक्रिय रहने के चलते मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, चम्पावत, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर सहित सात जिलों में 29 जून से एक जुलाई तक भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। नागरिकों से सतर्कता बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है।
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Chief Editor, Aaj Khabar

