Uttarakhand: लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग 534 पर सोमवार सुबह हाथियों के विशाल झुंड के पहुंचने से अफरा तफरी मच गई। हाथियों ने कई वाहनों को निशाना बनाया, जबकि एक टेंपो ट्रैवलर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना के चलते करीब ढाई घंटे तक हाईवे पर यातायात बाधित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह पीडब्ल्यूडी स्टोर के समीप अचानक हाथियों का झुंड हाईवे पर आ गया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक टेंपो ट्रैवलर को हाथियों ने घेर लिया। वाहन में स्कूल के शिक्षक शिक्षिकाएं सवार थे। इसमें मध्याह्न भोजन से संबंधित सामान और शिक्षकों के लंच टिफिन भी रखे थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाथियों ने टेंपो ट्रैवलर को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया और वाहन में रखा सामान तहस नहस कर दिया। शिक्षकों के पर्स में रखी नकदी भी नष्ट हो गई। हाथियों के अचानक आक्रामक होने से वाहन सवार शिक्षकों में दहशत फैल गई। सभी ने किसी तरह वाहन से दूर हटकर अपनी जान बचाई और बाद में घर लौट गए।
बताया गया कि हाथियों ने हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया। सुबह करीब पांच बजे से साढ़े सात बजे तक यातायात प्रभावित रहा। हाथियों की मौजूदगी के कारण वाहन चालक आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा सके, जिससे हाईवे के दोनों ओर लंबा जाम लग गया।
कोटद्वार रेंज के रेंजर विपिन चंद्र जोशी ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी। कुछ वाहन चालकों ने अनजाने में हाथियों के झुंड का दोनों ओर से रास्ता रोक दिया था, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
रेंजर के मुताबिक नीचे बह रही नदी का जलस्तर अधिक होने के कारण हाथियों के लिए सुरक्षित रास्ता भी सीमित था। झुंड में कई शिशु हाथी शामिल थे, जिसके चलते हाथी अधिक सतर्क और आक्रोशित हो गए। वन विभाग की टीम ने काफी मशक्कत के बाद हाथियों को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ा, जिसके बाद हाईवे पर यातायात बहाल हो सका।
घटना ने कोटद्वार क्षेत्र में बढ़ते मानव वन्यजीव संघर्ष और वन्यजीव गलियारों से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि हाथियों का झुंड दिखाई देने पर सुरक्षित दूरी बनाए रखें और किसी भी स्थिति में उनका रास्ता रोकने का प्रयास न करें।

Chief Editor, Aaj Khabar
