Uttarakhand: कुमाऊं परिक्षेत्र में भोले-भाले लोगों से जमीन और निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले संगठित भू-धोखाधड़ी सिंडिकेट का पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। करीब ₹25 करोड़ से अधिक की ठगी से जुड़े इस मामले में वर्ष 2018 से अब तक कुल 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जबकि 3 मामलों की जांच वर्तमान में गहनता से जारी है। पुलिस के अनुसार लगभग 15 से 20 अन्य पीड़ितों की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व में गठित एसआईटी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद आईजी कुमाऊं रिद्धिम अग्रवाल ने 17 अप्रैल 2026 को सख्त कार्रवाई करते हुए पुरानी एसआईटी को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया था। इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ऊधमसिंहनगर अजय गणपति के प्रत्यक्ष पर्यवेक्षण और एसपी क्राइम जितेन्द्र चौधरी की अध्यक्षता में नई पुनर्गठित एसआईटी का गठन किया गया।
नई एसआईटी ने सक्रिय कार्रवाई करते हुए 21 मई 2026 को इस संगठित गिरोह के मुख्य आरोपी धनंजय गिरी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के सदस्य अवैध आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से सुनियोजित तरीके से लोगों को निशाना बना रहे थे।
पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया में जुट गई है। आरोपियों पर धारा 111 बीएनएस के तहत संगठित अपराध का मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं अपराध से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर धारा 107 बीएनएसएस के अंतर्गत फ्रीज करने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में पीड़ितों को आनुपातिक रूप से आर्थिक राहत दिलाई जा सके।
प्रशासन ने इन संपत्तियों के किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय या हस्तांतरण पर रोक लगाने के लिए जिलाधिकारी नैनीताल को भी आवश्यक पत्राचार किया है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे सिंडिकेट के खिलाफ आगे भी कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
