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नैनीताल में निजी स्कूलों पर सख्ती: 10 और संस्थानों को कारण बताओ नोटिस।

Haldwani News
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नैनीताल । जिला प्रशासन ने अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर निजी विद्यालयों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने जांच रिपोर्ट और प्राप्त शिकायतों के आधार पर 10 और निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

नोटिस पाने वाले विद्यालयों में वुडलैंड सीनियर सेकेंडरी स्कूल (हिम्मतपुर तल्ला), डी लैंप पब्लिक स्कूल (दमुआढूंगा), दर्पण पब्लिक स्कूल (हरिपुरनायक, कुसुमखेड़ा), इम्युनल पब्लिक स्कूल (मुखानी), हाइलेंडर्स पब्लिक स्कूल (कलावती कॉलोनी), ग्रीन सिटी पब्लिक स्कूल (बरेली रोड), टेंडर फीट पब्लिक स्कूल (दमुआढूंगा), एल्केमे स्कूल (कुसुमखेड़ा), जय दुर्गे एजुकेशनल पब्लिक स्कूल (दमुआढूंगा बंदोबस्ती) और न्यू फेगलैंड पब्लिक स्कूल (हल्द्वानी) शामिल हैं। इससे पहले जिले के 28 अन्य स्कूलों को भी नोटिस जारी किया जा चुका है।

क्या हैं आरोप?
जांच में सामने आया कि कई स्कूल एनसीईआरटी पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा है। साथ ही कुछ स्कूल विशेष दुकानों से किताबें खरीदने के लिए दबाव बना रहे हैं और अपनी वेबसाइट पर जरूरी जानकारी भी साझा नहीं कर रहे हैं।

प्रशासन के निर्देश
शिक्षा विभाग ने सभी संबंधित स्कूलों को 15 दिनों के भीतर:

  • संशोधित पुस्तक सूची जारी कर एनसीईआरटी किताबों को प्राथमिकता देने,
  • किसी विशेष विक्रेता की अनिवार्यता समाप्त करने,
  • वेबसाइट पर पुस्तक सूची और शुल्क संरचना सार्वजनिक करने,
  • अभिभावकों से वसूली गई अतिरिक्त राशि का समायोजन/रिफंड करने के निर्देश दिए हैं।

कानूनी आधार
यह कार्रवाई ‘शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009’, ‘उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019’ और उच्च न्यायालय के आदेशों के तहत की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और किफायती बनाना है।

आगे क्या?
मामले की जांच के लिए संयुक्त समिति गठित की गई है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी। निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण जैसी सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हैं और किसी भी तरह की अनदेखी पर कड़ी कार्रवाई होगी।

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