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Uttarakhand: 26 सितंबर को नैनीताल समेत पांच जिलों में रेड अलर्ट, उत्तराखंड में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावन

Uttarakhand: 26 सितंबर को नैनीताल समेत पांच जिलों में रेड अलर्ट, उत्तराखंड में भारी से अत्यंत भारी बारिश की चेतावन
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Uttarakhand: उत्तराखंड में मौसम का मिजाज अगले तीन दिनों तक बिगड़ा रहने की संभावना है। मौसम चेतावनी के अनुसार, 25 से 27 सितंबर तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। 26 सितंबर को नैनीताल समेत पांच जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम चेतावनी के मुताबिक, 26 सितंबर को नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश भी हो सकती है। इन जिलों के लिए मौसम विभाग ने गंभीर बारिश की चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा, देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। राज्य के शेष जिलों में भी कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है।

25 सितंबर को नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और ऊधम सिंह नगर जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, देहरादून, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, अल्मोड़ा, ऊधम सिंह नगर, पौड़ी, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने, 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश के तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।

27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी तथा कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों में भी कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है।

इसके अलावा, नैनीताल, देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, हरिद्वार और पौड़ी जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली, 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश के तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।

प्रशासन और लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम चेतावनी को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। भारी बारिश के दौरान नदी-नालों, पहाड़ी मार्गों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण होगा।

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