Uttarakhand: 22 अगस्त की रात आई भीषण आपदा ने थराली क्षेत्र को गहरे जख्म दिए हैं। गदेरे के उफान से चेपड़ों बाजार और आसपास के गांवों में भारी तबाही मची, जिसमें एक युवती की मौत हो गई और एक बुजुर्ग अब भी लापता हैं। वहीं, 11 लोग घायल हुए थे।
आपदा के बाद से बचाव एवं राहत कार्य लगातार जारी है। सोमवार को तीसरे दिन भी एसडीआरएफ और डीडीआरएफ की टीमें लापता बुजुर्ग की खोज और प्रभावितों की मदद में जुटी रहीं। कई परिवारों को राजकीय पॉलिटेक्निक कुलसारी में बनाए गए राहत शिविर में ठहराया गया है, जहां वर्तमान में 29 लोग रह रहे हैं। शिविर में भोजन, चिकित्सा, पेयजल और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
थराली के कोटडीप और राड़ीबगड़ क्षेत्र में तबाही इतनी भीषण रही कि लोगों की वर्षों की कमाई पलभर में मलबे में दब गई। कई परिवार अब बेघर हो गए हैं।
रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कुलसारी हेलिपैड पहुंचे और सीधे राहत शिविर का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। आपदा में जान गंवाने वाली कविता के पिता नरेंद्र सिंह अपनी व्यथा सुनाते हुए सीएम के सामने भावुक हो उठे। मुख्यमंत्री ने उन्हें हरसंभव सहायता और शीघ्र पुनर्वास का भरोसा दिलाया।

Chief Editor, Aaj Khabar

