Bhimtal: भीमताल स्थित विकास भवन सभागार में सोमवार को जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने जनपद में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने वित्तीय वर्ष समाप्ति से पूर्व विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को विकास कार्यों को निर्धारित समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित समय में विकास कार्यों को पूरा कर शतप्रतिशत धनराशि व्यय करना एक बेहतर प्रशासनिक परंपरा है, जिसे सभी विभाग आगे भी बनाए रखें। इससे जनपद के समग्र विकास को गति मिलेगी और जनता तक सरकारी योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंचेगा।
20 सूत्री कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि जो विभाग वर्तमान में ए श्रेणी में हैं, वे वित्तीय वर्ष समाप्ति तक अपनी स्थिति बनाए रखें। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष के अंतिम 15 दिन शेष हैं, इसलिए सभी अधिकारी तत्परता के साथ कार्य करें और यह सुनिश्चित करें कि जनपद किसी भी योजना में पीछे न रहे।
उन्होंने बताया कि जिला योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 99 प्रतिशत धनराशि विभागों द्वारा व्यय की जा चुकी है। पूर्व में 31 मार्च तक धनराशि व्यय करने की परंपरा को तोड़ते हुए विभागों ने जो समयबद्ध कार्य किया है, वह सराहनीय है। जिलाधिकारी ने चार विभागों में अवशेष धनराशि को बुधवार तक पूर्ण रूप से व्यय करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 की जिला योजना को लेकर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अभी से प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि जन उपयोगी और वचनबद्ध कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि जिले के प्रत्येक क्षेत्र में संतुलित विकास सुनिश्चित हो सके।
ग्रीष्मकाल को देखते हुए जिलाधिकारी ने पेयजल और सिंचाई विभाग को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्मियों में पेयजल संकट की संभावना को देखते हुए अभी से तैयारी की जाए। जिन क्षेत्रों में पेयजल की किल्लत की संभावना है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था की जाए तथा टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। साथ ही जल लाइनों में लीकेज को तुरंत ठीक कर पेयजल वितरण प्रणाली को दुरुस्त रखा जाए।
डीएम ने सिंचाई विभाग को खरीफ की बुवाई के लिए समय से सिंचाई व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं कृषि, उद्यान और वन विभाग को अगले वित्तीय वर्ष की जिला योजना में किसानों की फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए चेन फेंसिंग और तारबाड़ के अधिक प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अरविंद कुमार पांडे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश पंत, अर्थ एवं संख्याधिकारी डॉ. मुकेश सिंह नेगी, एपीडी चंद्रा फर्त्याल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
