Haldwani: हल्द्वानी में सिंथिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल तथा सिंथिया इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक और प्रभावी बनाने के लिए खेल, अभिनय और गतिविधि आधारित पद्धति को कक्षा में शामिल करना था।
कार्यशाला के विषय विशेषज्ञ ड्रामा डेरा देहरादून के संस्थापक सुभाष रावत रहे। उन्होंने शिक्षकों को गतिविधि आधारित विधि के माध्यम से स्वयं अनुभव करते हुए यह समझाया कि किस प्रकार बच्चों के साथ सतत संवाद स्थापित कर उन्हें सीखने के लिए प्रेरित किया जा सकता है। कार्यशाला के दौरान इस बात पर विशेष चर्चा की गई कि शिक्षक किस तरह बच्चों के साथ जुड़ाव बनाते हुए विषय को सरल और रोचक बना सकते हैं।
कार्यक्रम में शिक्षकों ने अभिनय और जोश के साथ कक्षा को जीवंत बनाने के विभिन्न तरीकों का अभ्यास भी किया। इस दौरान सभी ने इस बात पर सहमति जताई कि यदि शिक्षक कक्षा में प्रसन्नचित रहते हुए विषय में गहरी रुचि दिखाता है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव बच्चों की सीखने की गति और समझ पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
कार्यशाला से पूर्व अकादमिक कोऑर्डिनेटर बी.बी. जोशी ने विषय विशेषज्ञ सुभाष रावत का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि स्कूल नई शिक्षा नीति (एनईपी) के सुझावों के अनुरूप शिक्षकों के प्रशिक्षण को लेकर सजग है और समय-समय पर इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन करता रहता है।
कार्यशाला का शुभारंभ विषय विशेषज्ञ सुभाष रावत ने वरिष्ठ शिक्षिका मंजू जोशी, सिंथिया इंटरनेशनल स्कूल की प्रधानाचार्य तूलिका रस्तोगी, सीनियर कोऑर्डिनेटर प्रदीप मित्रा और बी.सी. सती के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
इस अवसर पर सुनीता भास्कर, हेम पंत, दयाल पांडे, नरेंद्र बंगारी, कोमल बिष्ट, आई.डी. जोशी, रविन्द्र सुंठा, वी.एस. बजेठा, दीपक जोशी, नितिन पालीवाल, अनुराधा साह, नीता पालीवाल, शिवानी, हिमानी, ममता लोहनी, नीतू विष्ट, भूमिका, निकिता, मनीषा और माही सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
