Bhimtal: बी.सी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा वसावी तोमर की आत्महत्या के मामले में भीमताल की एक निजी यूनिवर्सिटी विवादों में घिर गई है। मृतका के पिता राम सिंह तोमर ने कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि रैगिंग से परेशान होकर जान गंवाई है।
लखनऊ निवासी वसावी का शव बुधवार को यूनिवर्सिटी परिसर की छत से फांसी पर लटका मिला था। उसे आनन-फानन में भवाली स्थित सी.एच.सी. अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में छात्रा के पिता ने कहा कि वसावी बेहद खुशमिजाज लड़की थी और ऐसा कदम उठाना उसकी स्वाभाविक प्रवृत्ति नहीं हो सकती। उन्होंने बताया कि वसावी ने उन्हें पहले रैगिंग की जानकारी दी थी और सबूत के तौर पर वीडियो भी भेजा था।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने उनकी कोई मदद नहीं की, न ही उन्हें अन्य छात्राओं या संबंधित लोगों से मिलने दिया गया। इस बीच यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर प्रो. एन.के. नायर ने रैगिंग के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यूनिवर्सिटी में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाती है और प्रबंधन ने पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया है।
प्रो. नायर ने बताया कि छात्रा का मोबाइल और कुछ अन्य वस्तुएं जांच के लिए पुलिस को सौंप दी गई हैं, और फॉरेंसिक टीम ने मौके से सबूत एकत्र किए हैं। वहीं, एस.पी. क्राइम जगदीश चंद्र ने जानकारी दी कि छात्रा को यूनिवर्सिटी स्टाफ ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया था। पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच विभिन्न बिंदुओं पर की जा रही है। उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट नहीं मिला है, लेकिन मोबाइल से मिले मैसेज आत्महत्या के पीछे के कारणों की ओर इशारा कर रहे हैं।
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Chief Editor, Aaj Khabar

