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Agra: लोकतंत्र में निष्पक्ष और मजबूत मीडिया की जरूरत, आगरा में राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में उठे पत्रकार सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे

Agra: लोकतंत्र में निष्पक्ष और मजबूत मीडिया की जरूरत, आगरा में राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में उठे पत्रकार सुरक्षा और अधिकारों के मुद्दे
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Agra: आगरा में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) के दो दिवसीय राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन और राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का शुभारंभ शनिवार को जेपी ऑडिटोरियम, खंदारी परिसर स्थित भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय में हुआ। सम्मेलन में देशभर की 25 राज्य इकाइयों से 300 से अधिक पत्रकार प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. एसपी बघेल ने कहा कि लोकतंत्र के हित में चौथे स्तंभ का मजबूत और निष्पक्ष होना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता में आज भी अपार संभावनाएं हैं और बदलते समय के साथ मीडिया में भी परिवर्तन होना स्वाभाविक है। यदि पत्रकारिता समय के अनुरूप खुद को विकसित करती रहेगी तो उसकी विश्वसनीयता और मजबूती बनी रहेगी।

सम्मेलन के मुख्य वक्ता एवं उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान समय में समाज के विभिन्न क्षेत्रों की तरह पत्रकारिता में भी नैतिक मूल्यों का क्षरण देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं, ऐसे में पत्रकारिता में स्वच्छता, पारदर्शिता और निष्पक्षता को बनाए रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सम्मेलन में पत्रकारिता से जुड़े मुद्दों और पत्रकार हितों पर जो सुझाव सामने आएंगे, उनके समाधान के लिए सरकार हरसंभव सहयोग करेगी।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे एनयूजेआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष रास बिहारी और राष्ट्रीय महासचिव प्रदीप तिवारी ने पत्रकारों की सुरक्षा, रोजगार, वेतन-भत्तों और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों को गंभीर बताते हुए कहा कि संगठन लगातार पत्रकार हितों की लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने सरकार से पत्रकारों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की।

एनयूजेआई के राष्ट्रीय संगठन मंत्री प्रमोद गोस्वामी ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, लेकिन पत्रकार आज भी कई मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, पेंशन व्यवस्था की कमी और अन्य समस्याओं को प्रमुख मुद्दा बताते हुए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।

सम्मेलन के पहले सत्र में पत्रकार समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। दो दिवसीय आयोजन में पत्रकारिता की चुनौतियों, मीडिया की विश्वसनीयता और पत्रकारों के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर मंथन किया जाएगा।

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