Ram Mandir: राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने अपनी जांच का दायरा और विस्तृत कर दिया है। दूसरे चरण की दो दिवसीय जांच पूरी करने के बाद टीम लखनऊ लौट गई है। सूत्रों के अनुसार एसआईटी ट्रस्ट के गठन से अब तक के लगभग पांच वर्षों के वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों, लेनदेन, ऑडिट रिपोर्ट और दान प्रबंधन से जुड़े दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच में वित्तीय प्रक्रियाओं और ऑडिट संबंधी कई खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसी ने ट्रस्ट से जुड़े महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज अपने कब्जे में लिए हैं और अब उनकी फॉरेंसिक व वित्तीय पड़ताल की जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, एसआईटी को श्रद्धालुओं द्वारा दान में दिए गए सोने-चांदी के गहनों के रखरखाव और रिकॉर्ड में भी गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच में यह आशंका भी व्यक्त की जा रही है कि कुछ गहनों को गलाकर उनका मूल स्वरूप बदला गया और बाद में उनके रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि इन दावों की अंतिम पुष्टि विस्तृत जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के वैज्ञानिक परीक्षण के बाद ही की जाएगी। जांच एजेंसी इस पहलू पर विशेष रूप से काम कर रही है क्योंकि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वर्षों से मंदिर को बहुमूल्य आभूषण दान किए हैं और उनके रखरखाव व लेखा-जोखा को लेकर भी सवाल उठे हैं। सूत्रों के अनुसार एसआईटी ने ट्रस्ट से जुड़े तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) से भी पूछताछ कर ऑडिट प्रक्रिया की जानकारी ली है। पूछताछ के दौरान कई सवालों के संतोषजनक जवाब नहीं मिल सके, जिसके बाद संबंधित दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। संभावना जताई जा रही है कि जांच एजेंसी दोबारा इनसे पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा चार से पांच अन्य लोगों को भी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है, जिन्हें ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारियों के करीबी के रूप में देखा जा रहा है। जांच के दौरान मंदिर से जुड़ी जमीनों की खरीद-फरोख्त से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की गई है। कई दस्तावेज कब्जे में लेकर संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए गए हैं। सूत्रों का कहना है कि भूमि सौदों का दायरा काफी व्यापक है, इसलिए एसआईटी उपलब्ध साक्ष्यों को शासन को सौंपते हुए वित्तीय और ऑडिट संबंधी जांच पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगी। दूसरी ओर पुलिस भी पहले गिरफ्तार किए जा चुके आठ आरोपियों से जुड़े नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच में कुछ बैंक कर्मियों और गणनाकर्मियों समेत आठ अन्य लोगों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। पुलिस इनके खिलाफ साक्ष्य जुटाने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकती है तथा जरूरत पड़ने पर जेल में बंद आरोपियों को रिमांड पर लेकर फिर से पूछताछ भी की जा सकती है। इससे पहले इस मामले में आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच के लिए गठित एसआईटी को राज्य सरकार ने विस्तृत जांच पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय भी दिया है। आगामी बैठक में ट्रस्ट द्वारा एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट, प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है। वहीं, जांच से जुड़े कई पहलुओं पर अभी आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है, इसलिए गहनों या अन्य वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित सभी आरोप फिलहाल जांच के दायरे में हैं और उनकी अंतिम पुष्टि एसआईटी की रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
