Dehradun: अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर लंबे समय से वीआईपी का नाम सार्वजनिक करने और उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आज देहरादून में न्याय यात्रा के अंतर्गत महापंचायत का आयोजन किया गया। परेड मैदान में संयुक्त संघर्ष मंच समेत कई संगठनों से जुड़े लोग बड़ी संख्या में एकत्र हुए।
महापंचायत में वक्ताओं ने कहा कि जब तक हत्याकांड में कथित वीआईपी के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। आंदोलनकारियों ने सरकार पर मामले में ढिलाई बरतने का आरोप लगाया और निष्पक्ष जांच की मांग दोहराई।
इस महापंचायत में अंकिता भंडारी के माता-पिता भी शामिल हुए। उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की मौजूदगी ने कार्यक्रम को और अधिक समर्थन दिया। इस दौरान न्याय की मांग को लेकर कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए।
महापंचायत में पारित प्रस्तावों के अनुसार, यदि पंद्रह दिनों के भीतर पीड़ित परिवार की शिकायत पर कोई ठोस प्रगति नहीं होती है तो दोबारा महापंचायत आयोजित की जाएगी और राष्ट्रपति से मुलाकात की जाएगी। इसके साथ ही यह मांग की गई कि अंकिता के माता-पिता द्वारा दिया गया शिकायती पत्र ही सीबीआई जांच के लिए मान्य माना जाए। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि मामले से जुड़े भाजपा नेता को जांच के दायरे में लाया जाए और पार्टी से निष्कासित किया जाए।
महापंचायत के माध्यम से संगठनों ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने तक आंदोलन थमने वाला नहीं है।

Chief Editor, Aaj Khabar
