Dehradun: विधानसभा सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश की कानून व्यवस्था, बढ़ते भ्रष्टाचार और राज्य सरकार के बजट को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। विधानसभा स्थित कक्ष संख्या 120 में आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में शासन-प्रशासन की स्थिति लगातार चिंताजनक होती जा रही है और सरकार जनता की मूल समस्याओं से मुंह मोड़ रही है।
यशपाल आर्य ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार अब अपवाद नहीं बल्कि शिष्टाचार बनता जा रहा है। सरकार भले ही “जीरो करप्शन” का दावा कर रही हो, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं, ठेकों के आवंटन, योजनाओं के क्रियान्वयन और स्थानांतरण तक कई स्तरों पर भ्रष्टाचार की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में शिकायतें मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बावजूद समयबद्ध कार्रवाई नहीं होती, जिससे यह संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार करने वालों को संरक्षण मिल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2018 से 2024 के बीच विभिन्न योजनाओं में वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर मामले सामने आए हैं। उन्होंने देहरादून स्मार्ट सिटी परियोजना, बिजली व्यवस्था, खनन और अन्य विभागों में वित्तीय कुप्रबंधन के उदाहरणों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये राज्य की वित्तीय स्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
कानून व्यवस्था पर चिंता जताते हुए आर्य ने कहा कि वर्ष 2022 के बाद अपराध की घटनाओं में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। राजधानी देहरादून में कम समय में कई हत्या की घटनाओं का होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि जब राजधानी में ही अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, तो प्रदेश की जनता में असुरक्षा की भावना बढ़ना स्वाभाविक है। साथ ही उन्होंने महिला अपराध, साइबर अपराध और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं के बढ़ते मामलों पर सरकार से जवाब मांगा।
उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में पीड़ितों को न्याय के लिए भटकना पड़ता है और पुलिस की निष्पक्षता व प्रशासनिक जवाबदेही पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। आर्य ने आरोप लगाया कि राज्य में ईमानदार अधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर नहीं मिल रहा, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
विधानसभा में बजट पर चर्चा करते हुए नेता प्रतिपक्ष ने इसे दिशाहीन और वास्तविक समस्याओं से मुंह मोड़ने वाला बजट बताया। उन्होंने कहा कि बजट में न तो आर्थिक संसाधनों को मजबूत करने की स्पष्ट योजना दिखाई देती है और न ही बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का कोई ठोस खाका है। राज्य पर बढ़ते कर्ज, हजारों रिक्त सरकारी पद, पलायन, किसानों की समस्याएं और ग्रामीण क्षेत्रों की चुनौतियों जैसे मुद्दों पर भी बजट में पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया है।
आर्य ने विशेष रूप से गैरसैंण के विकास, स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने, युवाओं के रोजगार, किसानों की आय बढ़ाने और पहाड़ी क्षेत्रों के गांवों को पुनर्जीवित करने के लिए ठोस नीति और बजटीय प्रावधानों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार, कानून व्यवस्था और आर्थिक प्रबंधन से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए और जनता को भरोसा दिलाना चाहिए कि शासन व्यवस्था पारदर्शी, जवाबदेह और न्यायपूर्ण है।
इस प्रेस वार्ता में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के साथ प्रीतम सिंह, काजी निजामुद्दीन, विक्रम सिंह नेगी और लखपत सिंह बुटोला भी उपस्थित रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
