Dehradun: उत्तराखंड में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम कानून व्यवस्था का मज़ाक उड़ा रहे हैं। राज्य में हर दिन हो रही जघन्य घटनाएं यह दर्शाती हैं कि कानून का राज समाप्त हो चुका है।
यशपाल आर्य ने कहा कि उत्तराखंड, जो कभी अपनी शांति, संस्कृति और सरल जीवनशैली के लिए जाना जाता था, आज भय और अराजकता के दौर से गुजर रहा है। उन्होंने अंकिता भंडारी हत्याकांड, नैनीताल में वीभत्स कृत्य, किच्छा, उत्तरकाशी, बागेश्वर, थराली, देहरादून, चंपावत, मंगलौर, श्रीनगर और द्वाराहाट सहित कई जिलों में महिलाओं और नाबालिगों के साथ हुई घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अपराधों ने न सिर्फ मानवता को शर्मसार किया है, बल्कि देवभूमि की अस्मिता को भी गहरा आघात पहुंचाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के आठ वर्षों के शासनकाल में राज्य में बलात्कार, हत्या, लूट, चोरी, डकैती, चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों में भारी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” का नारा अब महज एक दिखावा बनकर रह गया है और सरकार भयमुक्त शासन के अपने वादे पर पूरी तरह विफल साबित हुई है।
यशपाल आर्य ने कहा, “ऐसा प्रतीत होता है कि उत्तराखंड में जंगलराज कायम हो चुका है और शासन-प्रशासन पूरी तरह फेल हो गया है। महिलाओं की सुरक्षा खतरे में है और आम नागरिक भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।”
उन्होंने सरकार से मांग की कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और कानून व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि प्रदेश में जनता विशेषकर महिलाएं स्वयं को सुरक्षित महसूस कर सकें।
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Chief Editor, Aaj Khabar
