Headlines

Dehradun: उत्तराखंड कैबिनेट के 15 बड़े फैसलों पर लगी मुहर, गौ पालन योजना से लेकर गौलापार हाईकोर्ट तक कई अहम फैसलों पर मुहर

Dehradun: उत्तराखंड कैबिनेट के 15 बड़े फैसलों पर लगी मुहर, गौ पालन योजना से लेकर गौलापार हाईकोर्ट तक कई अहम फैसलों पर मुहर
शेयर करे-

Dehradun: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 15 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने श्रमिकों के हितों की सुरक्षा, गौ पालन योजना के विस्तार, हल्द्वानी में नए हाईकोर्ट परिसर, राज्य के पहले क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार, ईको टूरिज्म, जल जीवन मिशन और विभिन्न नियमावलियों में संशोधन समेत कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई।

सबसे बड़ा फैसला गौ पालन योजना को लेकर हुआ, जिसके तहत अब सामान्य वर्ग के लोग भी योजना का लाभ ले सकेंगे। योजना में अधिकतम दो पशुओं पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाएगी। वहीं उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 को मंजूरी देते हुए संगठित और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए हर महीने की 7 तारीख तक वेतन भुगतान अनिवार्य किया गया है। साथ ही समान कार्य के लिए महिला और पुरुष श्रमिकों को समान वेतन देने का प्रावधान भी किया गया है।

कैबिनेट ने हल्द्वानी के गौलापार में प्रस्तावित नए हाईकोर्ट परिसर के लिए 30 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने को मंजूरी दी। इसी के साथ उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार के संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को भी स्वीकृति मिली। यह राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय होगा, जिसका उद्देश्य मिशन ओलंपिक 2036 के अनुरूप अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करना है।

बैठक में समाज कल्याण विभाग के छात्रावासों की नई संचालन नियमावली, जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण पेयजल योजनाओं के हस्तांतरण का प्रोटोकॉल, उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली, उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधन अध्यादेश, वन विकास निगम सेवा संशोधन नियमावली तथा उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली में संशोधन को भी मंजूरी दी गई। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ समझौता ज्ञापन पर भी सहमति बनी।

राज्य में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन किया गया है, जबकि बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के सहायता कोष की संचालन समिति में भी बदलाव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश में रोजगार, आधारभूत ढांचे, पर्यटन, खेल, श्रमिक कल्याण और ग्रामीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *