Haldwani: कुमाऊं परिक्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) निवेदिता कुकरेती ने शुक्रवार को हल्द्वानी कोतवाली सभागार में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन से सीधा संवाद कर पुलिस और जनता के बीच विश्वास, समन्वय एवं सहभागिता को मजबूत बनाने का संदेश दिया। “देवभूमि का सुरक्षा कवच” अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में साइबर अपराध, महिला एवं बाल सुरक्षा, सड़क सुरक्षा और नशामुक्त उत्तराखंड जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी देते हुए लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने में सक्रिय सहयोग की अपील की गई।
यह कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में आईजी निवेदिता कुकरेती ने कोतवाली परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। इसके बाद पुलिस अधीक्षक अपराध एवं यातायात डॉ. जगदीश चंद्र ने उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम का संचालन एसपी हल्द्वानी मनोज कुमार कत्याल एवं एसपी संचार रेवाधर मठपाल ने किया।
जनसंवाद कार्यक्रम में आईजी ने कहा कि बदलती तकनीक के साथ साइबर अपराधों का स्वरूप भी तेजी से बदल रहा है। उन्होंने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, एआई आधारित साइबर अपराध, फर्जी निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट और म्यूल अकाउंट जैसे अपराधों से सतर्क रहने की अपील करते हुए नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह बिना समय गंवाए 1930 हेल्पलाइन, cybercrime.gov.in पोर्टल अथवा मनी रिस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से शिकायत दर्ज कर अपनी धनराशि फ्रीज करा सकता है।
महिला एवं बाल सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए आईजी ने जीरो एफआईआर, महिला हेल्पलाइन-181, महिला चीता पुलिस, वन स्टॉप सेंटर (सखी), एसओएस एवं लाइव लोकेशन सुविधा तथा नए आपराधिक कानून बीएनएस, बीएनएसएस और बीएसए की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करना चाहिए।
बाल संरक्षण से जुड़े विषयों पर उन्होंने चाइल्ड हेल्पलाइन-1098, मिशन वात्सल्य पोर्टल और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
सड़क सुरक्षा के संबंध में आईजी ने गोल्डन ऑवर, राह-वीर (गुड समैरिटन) योजना, प्रधानमंत्री राहत योजना, एएनपीआर कैमरे, ई-चालान प्रणाली तथा दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स में किए जा रहे सुधारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में समय पर मिली सहायता कई लोगों की जान बचा सकती है, इसलिए नागरिकों को जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाना चाहिए।
नशामुक्त उत्तराखंड अभियान को लेकर आईजी ने कहा कि प्रदेश में “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। ऑपरेशन प्रहार के माध्यम से नशा तस्करों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है तथा उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त एवं ध्वस्त किया जा रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि आसपास कहीं भी नशे का कारोबार संचालित हो रहा हो तो उसकी सूचना 1800-137-7001 (डायल अगेंस्ट ड्रग्स) या MANAS पोर्टल के माध्यम से गोपनीय रूप से उपलब्ध कराएं।
आईजी ने लोगों को 112, 181, 1098 और 1930 सहित विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों के प्रभावी उपयोग की जानकारी भी दी और कहा कि संकट की स्थिति में बिना संकोच पुलिस की सहायता लें।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षण संस्थानों, व्यापार मंडलों, सामाजिक संगठनों, वरिष्ठ नागरिकों और स्थानीय नागरिकों ने क्षेत्र की समस्याओं एवं जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे पुलिस महानिरीक्षक के समक्ष रखे। आईजी ने सभी सुझावों और शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए उनके प्रभावी एवं समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया।
जनसंवाद में बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया और साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सड़क सुरक्षा तथा नशामुक्त समाज के निर्माण जैसे विषयों पर विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडल के पदाधिकारियों, शिक्षण संस्थानों के प्रतिनिधियों और स्थानीय गणमान्य नागरिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

Chief Editor, Aaj Khabar
