Dehradun: उत्तराखंड में प्रधानाचार्य सीधी भर्ती के विरोध का मुद्दा अब केवल शिक्षक संघ तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे राज्य के सांसद और अन्य राजनेताओं का समर्थन भी मिल गया है। भाजपा सांसद अजय भट्ट (नैनीताल और उधम सिंह नगर) ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर शिक्षक संघ की मांग का समर्थन किया।
पत्र में अजय भट्ट ने राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष राजकुमार चौधरी के पत्र का हवाला देते हुए कहा कि संघ की ओर से अवगत कराया गया है कि विभागीय सीधी भर्ती शिक्षकों के हित में नहीं है और इससे समस्त शिक्षकों की पदोन्नतियों पर असर पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि नियमावली को निरस्त कर पूर्व की तरह 100 प्रतिशत पदोन्नति के आधार पर प्रधानाचार्य पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अपनाई जाए।
बता दें कि 16 सितंबर 2025 को राजकीय शिक्षक संघ ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च कर अपनी तीन मुख्य मांगें रखी थीं, जिनमें ‘प्रधानाचार्य विभागीय सीधी भर्ती नियमावली निरस्तीकरण’ भी शामिल थी। इसके बावजूद अब तक मांगों का समाधान नहीं हुआ है। शिक्षक संघ ने अपनी मांगों को केंद्र तक पहुंचाने की योजना बनाई है और 20,000 से अधिक खून से लिखे पत्र प्रधानमंत्री को भेजने की बात कही है।
प्रदेश में कुल 1,300 प्रधानाचार्य पद हैं, जिनमें से 650 पर सीधी भर्ती का प्रस्ताव है। शिक्षक संघ प्रमोशन आधारित भर्ती की मांग कर रहा है। इस मामले को लेकर शिक्षक कई बार सड़कों पर उतर चुके हैं, जिससे शैक्षणिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं उत्तराखंड लोक सेवा आयोग ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्य पद पर सीधी भर्ती के लिए 8 फरवरी 2026 को लिखित परीक्षा आयोजित करने की सूचना जारी की है।
राजकीय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राम सिंह ने अजय भट्ट के पत्र पर आभार व्यक्त किया और कहा कि शिक्षकों की पदोन्नति के लिए प्रयास जारी रहेंगे।

Chief Editor, Aaj Khabar

