Haldwani: हल्द्वानी में डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। डॉ. भीम राव अंबेडकर जन्म दिवस समारोह समिति द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम की शुरुआत मंगल पड़ाव स्थित अंबेडकर पार्क में बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मेयर गजराज सिंह बिष्ट एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के तहत मंगल पड़ाव से स्टेशन, राजपुरा और तिकोनिया होते हुए एमबी इंटर कॉलेज तक विशाल झांकी निकाली गई, जिसमें हजारों लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। पूरे शहर में उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।
दोपहर बाद मुख्य कार्यक्रम डॉ. बी.आर. अंबेडकर पार्क, दमुआढुंगा में आयोजित किया गया, जिसमें जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, दिल्ली के प्रोफेसर वाय.एस. अलोने मुख्य अतिथि रहे, जबकि दिल्ली की सोशल एक्टिविस्ट डॉ. शीला आर्या विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुईं।
डॉ. शीला आर्या ने अपने संबोधन में बाबा साहब के आदर्शों को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उत्तराखंड के शिल्पकार कहे जाने वाले मुंशी हरि प्रसाद टम्टा और खुशी राम शिल्पकार के योगदान को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। वहीं, प्रो. अलोने ने शिक्षा, संस्कृति और अध्ययन को समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार बताते हुए युवाओं को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य संयोजक दीप दर्शन ने की, जबकि संचालन मंत्री विरेन्द्र कुमार टम्टा द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रशासनिक और सामाजिक क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे, जिनमें एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चंद्र, मुकेश चंद्र बौद्ध, संजय कुमार सागर, श्रीमती राधा आर्या समेत अनेक लोग शामिल रहे।
मुख्य संयोजक दीप दर्शन ने अपने संबोधन में कहा कि समिति बाबा साहब के समता, समानता, बंधुत्व और न्याय के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समाज में भेदभाव और असमानता को समाप्त कर एक न्यायपूर्ण व्यवस्था स्थापित करने की अपील की।

Chief Editor, Aaj Khabar
