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Haldwani: हल्द्वानी में भाजपा ने मनाया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, बलराज पासी और अजय भट्ट ने बयां की बंटवारे की त्रासदी, एकता का लिया संकल्प

Haldwani: हल्द्वानी में भाजपा ने मनाया विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस, बलराज पासी और अजय भट्ट ने बयां की बंटवारे की त्रासदी, एकता का लिया संकल्प
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Haldwani: विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर हल्द्वानी नगर निगम सभागार में भारतीय जनता पार्टी जिला नैनीताल की ओर से विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वर्ष 1947 के विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन, अमानवीय त्रासदी और असंख्य लोगों के संघर्ष एवं बलिदान को स्मरण किया गया। साथ ही नई पीढ़ी को उस दौर के इतिहास से परिचित कराने और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में पूर्व सांसद बलराज पासी मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पूर्व प्रधान एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, सुभाषनगर के हरजीत सिंह सच्चर ने अध्यक्षता की। कार्यक्रम में विभाजन की विभीषिका झेल चुके सिख समुदाय के विभिन्न सम्मानित लोग भी मौजूद रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता बलराज पासी ने कहा कि वर्ष 1947 का विभाजन केवल देश की भौगोलिक सीमाओं का बंटवारा नहीं था, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन को प्रभावित करने वाली गहरी मानवीय त्रासदी थी। लाखों परिवारों को अपना घर, जमीन-जायदाद और जन्मभूमि छोड़कर विस्थापित होना पड़ा तथा असंख्य लोगों को हिंसा और अत्याचार का सामना करना पड़ा।

उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस का उद्देश्य किसी के प्रति वैमनस्य पैदा करना नहीं, बल्कि इतिहास से सीख लेकर राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। युवा पीढ़ी को इतिहास के इस अध्याय की जानकारी होना आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति न हो।

नैनीताल-ऊधम सिंह नगर लोकसभा सांसद अजय भट्ट ने कहा कि विभाजन के दौरान देशवासियों ने जिस पीड़ा, विस्थापन और कठिन परिस्थितियों का सामना किया, उसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि विभाजन की त्रासदी राष्ट्र की एकता और अखंडता के महत्व का बोध कराती है। उन्होंने सभी से जाति, क्षेत्र और भाषा से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा सामाजिक सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने का आह्वान किया।

अजय भट्ट ने कहा कि भारत की संस्कृति ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ और ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ की भावना पर आधारित रही है। उन्होंने इतिहास से प्रेरणा लेकर मजबूत, समरस, आत्मनिर्भर और अखंड भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

विचार गोष्ठी के दौरान विभाजन के समय परिवारों और पूर्वजों द्वारा झेली गई कठिनाइयों, विस्थापन और संघर्ष की स्मृतियां भी साझा की गईं। वक्ताओं ने कहा कि विभाजन की पीड़ा को स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए।

महापौर गजराज सिंह बिष्ट ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को देशभर में आधिकारिक रूप से मान्यता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम के अंत में विभाजन के दौरान प्राणों का बलिदान देने वाले और विस्थापन की पीड़ा झेलने वाले लाखों देशवासियों को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया गया। उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री दिनेश आर्या एवं हरीश पाण्डे, प्रदेश सह कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल, प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी कौस्तुभानंद जोशी, दुख निवारण गुरुद्वारा राजपुरा के प्रधान रणजीत सिंह नागपाल एवं किशन राजपाल, डा. अतुल राजपाल, डा. विनय खुल्लर, जिला महामंत्री रंजन बर्गली एवं विनीत अग्रवाल, प्रदेश महामंत्री युवा मोर्चा दीपेंद्र कोश्यारी, कार्यक्रम संयोजक प्रताप सिंह रैक्वाल, हल्द्वानी मंडल अध्यक्ष मधुकर श्रोतिय, काठगोदाम मंडल अध्यक्ष नीरज बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष प्रतिभा जोशी, कनिष्क ढींगरा सहित पार्षद, पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता, पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।

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