Haldwani: शनिवार को कुमाऊँ आयुक्त व मुख्यमंत्री के सचिव दीपक रावत ने जनसुनवाई का आयोजन किया, जिसमें नागरिकों की विविध समस्याएं सुनी गईं और अधिकांश का समाधान मौके पर ही कर दिया गया। जनसुनवाई में पारिवारिक विवाद, पैतृक संपत्ति, अतिक्रमण, आर्थिक सहायता, चेक बाउंस जैसी समस्याएं सामने आईं, जिनमें सबसे अधिक शिकायतें भूमि विवाद से जुड़ी रहीं।
भूमि विवादों की संख्या को देखते हुए आयुक्त रावत ने नागरिकों से अपील की कि भूमि क्रय से पूर्व उसकी विस्तृत जांच आवश्यक रूप से करें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भूमि पर कोई ऋण लंबित न हो और वह भूमि ‘भूमि सीलिंग अधिनियम’ के अंतर्गत न आती हो। साथ ही, एग्रीमेंट की गंभीरता से जांच करने और खरीद के बाद तुरंत चाहरदीवारी व निर्माण कराने की सलाह दी, जिससे कब्जे की आशंका को टाला जा सके।
आवारा पशुओं की समस्या को लेकर आयुक्त ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निर्देश दिए कि पशुओं को खुला छोड़ने वाले स्वामियों की पहचान कर उन पर उचित कार्रवाई की जाए।
जनसुनवाई में अमीनुर्रहमान ने शिकायत की कि हल्द्वानी खास की भूमि पर अवैध कब्जा कर दुकानों का निर्माण किया गया है, जिस पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी को जांच कर आख्या देने के निर्देश दिए।
एक अन्य प्रकरण में अल्मोड़ा के निवासियों द्वारा काशीपुर में क्रय की गई भूमि पर हरि प्रसाद द्वारा अवैध कब्जे की शिकायत पर आयुक्त ने उपजिलाधिकारी काशीपुर को जांच करने और संबंधित पक्षों को अगले शनिवार तलब करने के निर्देश दिए।
अन्य शिकायतों में ज्योति जोशी ने लोनिवि की भूमि से तारबाड़ हटाने, भूपेन्द्र कौर ने भूमि पर रोक हटाने, लीलाधर सुयाल ने भूमि की रजिस्ट्री तथा विमल बिष्ट ने क्रय की गई भूमि के स्थान पर अन्य भूमि दिए जाने की मांग रखी।
जनसुनवाई में आयुक्त द्वारा अधिकतर मामलों का समाधान स्थल पर ही किया गया, जिससे लोगों में संतोष देखा गया।
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Chief Editor, Aaj Khabar

