Haldwani: प्रख्यात समाज सुधारक एवं “पर्वतीय अंबेडकर” के रूप में विख्यात स्वर्गीय मुंशी हरिप्रसाद टम्टा की पुण्यतिथि पर कांग्रेस ने हल्द्वानी में “सामाजिक न्याय दिवस” मनाते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया। स्वराज आश्रम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी में बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए और टम्टा जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि स्व. टम्टा ने पहाड़ में सामाजिक चेतना की जो मशाल जलाई, वह आज भी समाज को दिशा दे रही है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय केवल एक राजनीतिक नारा नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा है, जिसे व्यवहार में उतारना समय की मांग है। कांग्रेस सदैव कमजोर, वंचित और शोषित वर्गों की आवाज़ उठाती रही है और आगे भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
महानगर अध्यक्ष एडवोकेट गोविंद सिंह बिष्ट ने कहा कि टम्टा जी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने के लिए जीवन समर्पित किया। आज की युवा पीढ़ी को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर समान अवसर और सामाजिक समरसता की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।
जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने कहा कि “सामाजिक न्याय दिवस” मनाने का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को साकार करने का संकल्प लेना है। प्रदेशभर में कांग्रेस संगठन इस दिवस को व्यापक स्तर पर मना रहा है ताकि समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
विचार गोष्ठी में उपस्थित कांग्रेसजनों ने स्व. टम्टा के सामाजिक न्याय, शिक्षा प्रसार और वंचित वर्गों के उत्थान में योगदान को ऐतिहासिक बताते हुए उनके विचारों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी ने सामाजिक न्याय, शिक्षा में समान अवसर और समानता के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया।

Chief Editor, Aaj Khabar
