Haldwani: पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार हो रही तेज़ बारिश के कारण गौला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया, जिससे नदी में खनन कार्य में लगी कई गाड़ियां तेज़ बहाव में फंस गईं। इस घटना से खनन व्यवसायियों और वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भारी बारिश के बाद काठगोदाम बैराज से रविवार को लगभग 1600 क्यूसेक पानी छोड़ा गया, जिससे गौला नदी में जलप्रवाह खतरनाक स्तर तक पहुंच गया। तराई पूर्वी वन प्रभाग की गौला रेंज के वन क्षेत्राधिकारी चंदन सिंह अधिकारी ने बताया कि बैराज से छोड़े गए पानी की मात्रा संभवतः और अधिक हो गई है। अचानक बढ़े जलस्तर के कारण डंपर, ट्रैक्टर और हाइड्रा मशीनें नदी में फंस गईं। वाहन चालकों ने किसी तरह जान बचाकर गाड़ियां किनारे लाने की कोशिश की, लेकिन कई वाहन अब भी नदी के दूसरे किनारे फंसे हुए हैं।
सबसे चिंताजनक स्थिति उस समय बनी जब गोला पुल के नीचे निर्माणाधीन कार्य में लगी एक हाइड्रोलिक क्रेन पानी में फंस गई। क्रेन चालक अजय यादव ने जान जोखिम में डालते हुए कूदकर अपनी जान बचाई। हालांकि, हाइड्रा मशीन अब भी नदी में फंसी हुई है।
तेज़ बहाव की वजह से नदी किनारे रखी निर्माण सामग्री भी बह गई है। इस घटना के बाद प्रशासन के समक्ष तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन और सुरक्षा उपायों को लागू करने की चुनौती है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके।
प्रशासन और वन विभाग ने जनता से अपील की है कि वे गौला नदी क्षेत्र की ओर न जाएं और मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लें।

Chief Editor, Aaj Khabar
