Haldwani: नैनीताल जिले में अभिभावकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को लेकर जिला प्रशासन ने निजी स्कूलों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी गोविंद राम जायसवाल ने 12 और निजी विद्यालयों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही जनपद में नोटिस पाने वाले निजी स्कूलों की संख्या बढ़कर 101 पहुंच गई है।
जांच में सामने आया कि कई निजी विद्यालयों द्वारा एनसीईआरटी पुस्तकों के बजाय महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य की जा रही थीं, जिससे अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ रहा था। इसके अलावा कुछ स्कूलों पर विशेष विक्रेताओं से किताबें और शिक्षण सामग्री खरीदने के लिए अप्रत्यक्ष दबाव बनाने के आरोप भी लगे हैं। कई विद्यालयों द्वारा अपनी वेबसाइट पर शुल्क संरचना और पुस्तक सूची जैसी अनिवार्य सूचनाएं सार्वजनिक नहीं करने की बात भी जांच में सामने आई है।
नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में सेंट लॉरेंस स्कूल देवलचौड़, दीक्षांत इंटरनेशनल स्कूल, केवीएम पब्लिक स्कूल, माउंट लीटेरा जी स्कूल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, ओरम द ग्लोबल स्कूल, जस गोविन स्कूल, डीएवी स्कूल, नैनी वैली स्कूल, गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल, शिवालिक इंटरनेशनल स्कूल और टीआरवी स्कूल शामिल हैं।
मुख्य शिक्षा अधिकारी ने संबंधित विद्यालयों को 15 दिन के भीतर संशोधित पुस्तक सूची जारी करने, एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, विक्रेता विशेष की बाध्यता समाप्त करने और अतिरिक्त शुल्कों का समायोजन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अभिभावकों से खरीदी गई अनावश्यक पुस्तकों के धनवापसी या समायोजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर विकासखंड स्तरीय संयुक्त जांच समितियां गठित की गई हैं, जो 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के खिलाफ मान्यता निलंबन या निरस्तीकरण समेत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
