Kaladhungi: कोटाबाग ब्लॉक निवासी और पूर्व जिला पंचायत सदस्य महेन्द्र चौधरी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि उत्तराखंड सरकार ने उच्च न्यायालय का फैसला आने से पहले ही पंचायत चुनाव की तारीख घोषित कर आचार संहिता लागू कर दी, जो न्यायपालिका की अनदेखी और संविधान का उल्लंघन है।
कांग्रेस नेता महेन्द्र चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने आरक्षण नीति को लेकर उच्च न्यायालय में विचाराधीन मामलों के फैसले की प्रतीक्षा किए बिना चुनावी प्रक्रिया आरंभ कर दी, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने बताया कि गैबुआ पत्तापानी की जिला पंचायत सीट को लगातार तीन बार आरक्षित कर दिया गया है, जबकि नियमानुसार कोई भी सीट दो बार से अधिक आरक्षित नहीं की जा सकती।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जनपद नैनीताल में आरक्षण की सीमा 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 67 प्रतिशत कर दी गई है, जो कि असंवैधानिक है। कुल 27 जिला पंचायत सीटों में से 18 सीटों को आरक्षित कर दिया गया है, जिससे समान अवसर का हनन हो रहा है। चौधरी ने कहा कि राज्यभर में सीटों का आरक्षण गलत तरीके से किया गया है और सरकार लोकतंत्र को कमजोर करने का कार्य कर रही है।
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Chief Editor, Aaj Khabar

