Nainital: नैनीताल जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद हालात बिगड़ते जा रहे हैं। बीते 24 घंटे में हुई मूसलाधार बारिश के चलते जिले के कई नदी-नाले उफान पर हैं और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कैंची धाम में शिप्रा नदी तेज बहाव में है, जबकि हल्द्वानी में गौला और रामनगर में कोसी व दाबका नदियां भी उफान पर बह रही हैं। पदमपुरी क्षेत्र में कालसा नदी का बहाव भी तेज हो गया है।
जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की सुबह साढ़े नौ बजे जारी रिपोर्ट के अनुसार, नैनीताल स्नो व्यू में 217 मिलीमीटर, हल्द्वानी-काठगोदाम में 166 मिलीमीटर, मुक्तेश्वर और चोरगलिया में 107.7 मिलीमीटर, कैंची धाम में 105 मिलीमीटर और खनस्यू में 92.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण जिले के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है।
बारिश के चलते जिले में तीन राज्य मार्ग, दो मुख्य जिला मार्ग, एक अन्य जिला मार्ग और 41 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। संबंधित विभाग जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से बंद मार्गों को खोलने में जुटे हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
आपदा रिपोर्ट के मुताबिक, जिले में अब तक चार जनहानि, 54 आंशिक भवन क्षति और एक पूर्ण भवन क्षति दर्ज की गई है। इसके अलावा दो पशुहानि और तीन गौशालाओं को नुकसान की सूचना है। एक सितंबर को भीमताल क्षेत्र में नाले में बहने से एक बच्ची की मौत भी हुई है।
नैनीताल तहसील के अल्चौना-पांडेछोर क्षेत्र में ककड़िया नाले में अत्यधिक मलबा और पानी आने से आवासीय भवनों और गौशालाओं को नुकसान पहुंचा है। यहां 20 प्रभावित परिवारों को उनके मवेशियों सहित गांव में ही सुरक्षित स्थान पर विस्थापित किया गया है।
फिलहाल जिले में बिजली और पेयजल आपूर्ति सामान्य बताई गई है। हालांकि, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।

Chief Editor, Aaj Khabar
