Bazpur: ऊधमसिंह नगर जिले में नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था के तहत प्रशासन ने बिना आवश्यक मान्यता और दस्तावेजों के संचालित संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बाजपुर परगना क्षेत्र में प्रशासन की टीम ने चार मदरसों को सील कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, निरीक्षण के दौरान संबंधित संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई।
जिला प्रशासन के निर्देश पर एसडीएम बाजपुर ऋचा सिंह और कोतवाली निरीक्षक नरेश चौहान के नेतृत्व में पुलिस बल की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। सील किए गए मदरसों में मदरसा जामिया हनफिया रजाउत उलूम, बाजपुर; मदरसा गुलशने इस्लाम, कनोरा; मदरसा जामिया फातिमा, बाजपुर; और मदरसा मोइनुल उलूम, मोहल्ला गांधीनगर, केलाखेड़ा-बाजपुर शामिल हैं।
एसडीएम ऋचा सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर क्षेत्र में संचालित मदरसों का निरीक्षण अभियान चल रहा है। जिन संस्थानों के पास निर्धारित मान्यता अथवा आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं होंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र के अन्य मदरसों की भी जांच-पड़ताल जारी है।
वहीं, राज्य में लागू नई मदरसा शिक्षा व्यवस्था और मान्यता संबंधी प्रावधानों को लेकर कुछ मदरसा संचालकों ने नैनीताल हाई कोर्ट का रुख किया है। याचिकाकर्ताओं ने अदालत में तर्क दिया है कि अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण और शिक्षा बोर्ड से मान्यता की अनिवार्यता के चलते कई मदरसों के संचालन में कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं। मामले की प्रारंभिक सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को प्रस्तावित है।
ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन भदौरिया ने कहा कि शासन के निर्देशों के तहत जिले में मदरसों का निरीक्षण अभियान जारी है। निर्धारित प्राधिकरण से मान्यता नहीं लेने अथवा आवश्यक मानकों और नियमों का पालन नहीं करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा कि नई व्यवस्था का उद्देश्य बच्चों को उनकी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़े रखते हुए उन्हें आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और आधुनिक पाठ्यक्रम सुनिश्चित करने के साथ सभी वर्गों के बच्चों को समान अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दे रही है। नई व्यवस्था के तहत मदरसों को भी निर्धारित शैक्षणिक मानकों और नियमों का पालन करना होगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी स्पष्ट कर चुके हैं कि प्रदेश में ऐसी शिक्षा व्यवस्था को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा, जो बच्चों को आधुनिक एवं मुख्यधारा की शिक्षा से दूर रखे। सरकार के अनुसार, उत्तराखंड मदरसा शिक्षा बोर्ड को समाप्त कर उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की नई व्यवस्था लागू की गई है। इसके तहत धार्मिक एवं सांस्कृतिक शिक्षा के साथ विज्ञान, गणित, कंप्यूटर, कौशल विकास और अन्य आधुनिक विषयों को भी शिक्षा व्यवस्था में शामिल करने पर जोर दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रदेश में संचालित सभी शिक्षण संस्थानों को निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन करना होगा। नियमों के अनुरूप संचालित संस्थानों को व्यवस्था के तहत कार्य करने का अवसर मिलेगा, जबकि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
