Bazpur: राजकीय शिक्षक संघ उत्तराखंड ने आज बाजपुर कैंप कार्यालय पर ज्ञापन सौंपकर अपनी 30 सूत्रीय न्यायोचित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में शत-प्रतिशत पदोन्नति, प्रधानाचार्य पदों पर सीधी भर्ती का निरस्तीकरण और वार्षिक स्थानांतरण शामिल हैं।
वर्तमान स्थिति यह है कि प्रदेश के 5% से भी कम विद्यालयों में नियमित प्रधानाचार्य कार्यरत हैं, शेष विद्यालयों में शिक्षक प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी निभा रहे हैं। सरकार की उदासीनता से नाराज़ होकर प्रभारी प्रधानाचार्यों ने अपना प्रभार त्याग दिया है, जिसके चलते शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन अब केवल मांगों का नहीं, बल्कि शिक्षकों के सम्मान और स्वाभिमान का मुद्दा बन गया है। आंदोलन उत्तराखंड भर में फैल चुका है और शिक्षक आमरण अनशन तक के लिए तैयार हैं। हड़ताल के चलते उत्तराखंड बोर्ड की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन कार्य भी ठप पड़ा है, जिससे लगभग 19,000 छात्र-छात्राओं का भविष्य संकट में पड़ गया है।
शिक्षकों ने राज्य सरकार से अपेक्षा जताई है कि उनकी सभी न्यायोचित मांगों पर शीघ्र और सकारात्मक निर्णय लिया जाए।

Chief Editor, Aaj Khabar
