Nainital: जनपद नैनीताल के बहुचर्चित भीमताल धर्मांतरण प्रकरण में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। मुख्य आरोपी मोहम्मद यूनुस उर्फ AMDY को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में थाना मल्लीताल में 29 अप्रैल 2026 को मुकदमा अपराध संख्या 0017/2026 के तहत उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2018 की धारा 3/5 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2020 की धारा 115, 319 और 69 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत किया गया था।
वादी की तहरीर के अनुसार आरोपी अपनी पहचान छिपाकर अलग-अलग नामों से महिलाओं के संपर्क में आता था। फोटोग्राफी, वीडियो शूट, ट्रेकिंग और म्यूजिक सेशन जैसी गतिविधियों के जरिए पहले विश्वास जीतता और फिर उन्हें अपने प्रभाव में लेता था। वर्ष 2020 में संपर्क स्थापित करने के बाद आरोपी ने पीड़िता से लगभग 17 लाख रुपये कैमरा, लेंस और मोबाइल जैसे उपकरणों पर खर्च कराए। इसके बाद विवाह का झांसा देकर अपनी वास्तविक धार्मिक पहचान छिपाई गई और धीरे-धीरे धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया।
जांच के दौरान अन्य पीड़िताओं द्वारा भी इसी तरह के शोषण और जबरन धर्म परिवर्तन के प्रयास की शिकायतें सामने आईं, जिससे मामला और गंभीर हो गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए न्यायालय के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने तत्काल विशेष टीम का गठन किया।
आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली, लेकिन उसे कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद भीमताल पुलिस, एसआईटी और एसओजी की संयुक्त टीम ने एसपी क्राइम नैनीताल डॉ. जगदीश चन्द्र के पर्यवेक्षण में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी। लगातार प्रयासों के बाद फरार आरोपी को नैनीताल क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
एसएसपी नैनीताल डॉ. मंजुनाथ टीसी ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि जनपद में धर्मांतरण जैसे अवैध कृत्य किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
