Nainital: नैनीताल जिले में नजूल भूमि की फ्री होल्ड प्रक्रिया एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। हल्द्वानी महापौर गजराज सिंह बिष्ट के साथ सिख संगत ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश सरकार ने वर्ष 2009 में लागू की गई फ्री होल्ड पॉलिसी पर उच्च न्यायालय की रोक और बाद में सर्वोच्च न्यायालय के स्थगन आदेश के बाद 11 दिसंबर 2021 को नई नजूल नीति लागू की थी। इस नीति का उद्देश्य नजूल भूमि धारकों को राहत प्रदान करना था, जिसके लिए शासन ने व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया था।
लेकिन, नीति लागू होने के करीब दो साल बाद जिलाधिकारी कार्यालय से भूमिधारकों को भारी-भरकम राशि के नोटिस थमा दिए गए। इन नोटिसों का कारण आवेदन तिथि पर लागू सर्किल रेट और 2021 नीति में तय आधार दरों में अंतर बताया जा रहा है।
भूमिधारकों का कहना है कि 2021 की नीति में साफ उल्लेख है कि फ्री होल्ड दरें 09 नवंबर 2000 के सर्किल रेट पर आधारित होंगी। उनका आरोप है कि इस प्रावधान की अनदेखी कर अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है। खास बात यह है कि ऐसे नोटिस केवल नैनीताल जिले में ही भेजे गए हैं, जिससे लोगों में गहरा आक्रोश है।
स्थानीय लोगों ने शासन से मांग की है कि इस विषय पर जल्द स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं ताकि नजूल भूमि धारकों को राहत मिल सके और अतिरिक्त आर्थिक बोझ से बचाया जा सके। इस मौके पर प्रदेश संयोजक गुरमीत सिंह चंडोक, उत्तराखंड उद्योग व्यापार मंडल उपाध्यक्ष सरप्रीत सिंह कोहली, दीपेश जोशी, महेश कुमार पांगती, शरद अग्रवाल और मनप्रीत विज मौजूद रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
