Prayagraj: बाल यौन शोषण के गंभीर आरोपों में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के खिलाफ अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार देर रात दर्ज हुई इस एफआईआर में उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत अन्य सहयोगियों को भी नामजद किया गया है।
यह कार्रवाई प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत के निर्देश पर की गई। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) विनोद कुमार चौरसिया की अदालत ने पुलिस की जांच रिपोर्ट और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। अदालत में दो नाबालिग बच्चों को पेश कर उनके यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे।
मामला तब प्रकाश में आया जब आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अदालत में याचिका दाखिल कर आरोपों की सुनवाई की मांग की। याचिका भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 173(4) के तहत प्रस्तुत की गई थी। अदालत ने पीड़ित बच्चों के बयान दर्ज करने और साक्ष्यों की समीक्षा के बाद आदेश सुरक्षित रखा था, जिसे अब सुनाया गया है।
याचिकाकर्ता ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 69, 74, 75, 76, 79 और 109 तथा पॉक्सो अधिनियम की धाराएं 3, 5, 9 और 17 के तहत प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी।
अदालत के आदेश के बाद झूंसी थाने में मुकदमा दर्ज होने की पुष्टि की गई है। याचिकाकर्ता ने कहा है कि वह वाराणसी स्थित विद्या मठ के संदर्भ में “सनातन यात्रा” निकालेंगे और कथित घटनाओं से जुड़े साक्ष्य सार्वजनिक करेंगे।
उल्लेखनीय है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल ही में प्रयागराज में आयोजित माघ मेला 2026 के दौरान भी चर्चा में रहे थे, जब उन्होंने मौनी अमावस्या पर स्नान की अनुमति नहीं मिलने को लेकर मेला प्रशासन पर सवाल उठाए थे।

Chief Editor, Aaj Khabar
