New Delhi: देशभर में कई दिनों से जारी छात्र आंदोलन ने शनिवार को बड़ा राजनीतिक परिणाम दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। छात्रों ने इसे अपने संघर्ष और जनदबाव की ऐतिहासिक जीत बताया।
इस्तीफे की घोषणा के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर जश्न का माहौल बन गया। हजारों छात्र तिरंगा लेकर सड़कों पर उतर आए। देशभक्ति गीतों की धुन पर युवाओं ने जमकर नृत्य किया और एक-दूसरे को बधाई दी। पूरे प्रदर्शन स्थल पर “भारत माता की जय” और “इंकलाब ज़िंदाबाद” के नारे गूंजते रहे।
यह आंदोलन मुख्य रूप से Gen Z के नेतृत्व में चला, जिसे देशभर के छात्रों, युवाओं और विभिन्न सामाजिक संगठनों का व्यापक समर्थन मिला। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह केवल एक मंत्री के इस्तीफे की जीत नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात मनवाने की जनता की शक्ति का प्रमाण है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा नीति पर भी असर डाल सकता है। वहीं आंदोलन से जुड़े छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया है कि उनकी अन्य मांगों पर कार्रवाई होने तक आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं माना जाएगा।
जंतर-मंतर पर उत्सव जैसा माहौल
– हजारों छात्रों ने देशभक्ति गीतों पर जश्न मनाया।
– तिरंगा लहराते हुए युवाओं ने जीत का उत्सव मनाया।
– पूरे इलाके में देशभक्ति और लोकतंत्र के समर्थन में नारे गूंजते रहे।
– कई छात्रों ने इसे “युवाओं की एकता की ऐतिहासिक जीत” बताया।

Chief Editor, Aaj Khabar
