Rudrapur: रुद्रपुर के सेक्टर-9 स्थित महालक्ष्मी पॉली पैक प्राइवेट लिमिटेड में सोमवार को मजदूरों और कंपनी प्रबंधन के बीच विवाद खुलकर सामने आ गया। बड़ी संख्या में श्रमिकों ने कंपनी गेट के बाहर एकत्र होकर प्रदर्शन किया और प्रबंधन पर आर्थिक एवं मानसिक शोषण के आरोप लगाए। मजदूरों का कहना है कि कंपनी में वर्षों से कार्यरत कर्मचारियों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन, श्रमिक सुविधाएं और अन्य अधिकार पूरी तरह नहीं दिए जा रहे हैं।
प्रदर्शनकारी श्रमिकों के अनुसार सरकार समय-समय पर श्रमिक हितों के लिए नई गाइडलाइन और नियम लागू करती है, लेकिन कंपनी प्रबंधन उनका पालन करने में गंभीरता नहीं दिखा रहा है। मजदूरों का आरोप है कि लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों को भी अपेक्षित सुविधाएं और सम्मान नहीं मिल रहा है।
कंपनी में पिछले 14 वर्षों से कार्यरत श्रमिक सुनील यादव ने आरोप लगाया कि यदि कोई कर्मचारी किसी कारणवश दो दिन की छुट्टी लेता है तो उसका वेतन काट लिया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार एक ही मजदूर से एक साथ कई मशीनों पर काम कराया जाता है, जिससे कार्य का दबाव बढ़ जाता है। श्रमिकों का दावा है कि जब वे अपनी समस्याएं और मांगें प्रबंधन के सामने रखते हैं तो उन्हें नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है।
सुनील यादव ने वेतन भुगतान प्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि श्रम नियमों के अनुसार पूरा वेतन बैंक खाते के माध्यम से दिया जाना चाहिए, लेकिन कंपनी द्वारा कथित तौर पर आधा भुगतान नकद और आधा बैंक खाते में किया जाता है। उन्होंने पीएफ और ईएसआई अंशदान नियमित रूप से जमा नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया।
मामले की जानकारी मिलने के बाद श्रम विभाग भी सक्रिय हो गया है। लेबर इंस्पेक्टर अरविंद सैनी ने कहा कि शिकायत की जानकारी मिली है और कंपनी प्रबंधन से बातचीत कर पूरे मामले की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रदर्शन के बाद मजदूर काम बंद कर अपने घरों को लौट गए हैं।
वहीं कंपनी प्रबंधन ने मजदूरों के सभी आरोपों को खारिज किया है। कंपनी के व्यवस्थापक नागेंद्र पांडे का कहना है कि कंपनी सरकार द्वारा निर्धारित मानकों और वेतन संरचना के अनुसार ही कर्मचारियों को भुगतान करती है। उन्होंने दावा किया कि कंपनी सभी श्रम कानूनों का पालन कर रही है और कर्मचारियों को निर्धारित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
अब पूरे मामले में श्रम विभाग की जांच और मजदूरों तथा कंपनी प्रबंधन के बीच होने वाली वार्ता पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। मजदूरों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो उनका विरोध आगे भी जारी रह सकता है।

Chief Editor, Aaj Khabar
