Rishikesh: विभिन्न मांगों को लेकर परिवहन महासंघ के आह्वान पर बुधवार को पूरे गढ़वाल मंडल में ट्रांसपोर्टरों ने चक्का जाम किया। देहरादून और पर्वतीय क्षेत्रों की यूनियनों ने भी आंदोलन का समर्थन किया। ऋषिकेश में अलग-अलग स्थानों पर वाहनों का संचालन ठप होने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
चालकों ने व्यावसायिक वाहनों पर दो वर्ष के टैक्स की छूट, टैक्स में हर वर्ष पाँच प्रतिशत वृद्धि का नियम समाप्त करने और ऋषिकेश आरटीओ कार्यालय में फिटनेस सेंटर शीघ्र शुरू करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा धीमी रहने से आर्थिक नुकसान हुआ है, इसलिए सरकार को राहत देनी चाहिए।
नई टिहरी में हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। बस अड्डा और जीप टैक्सी स्टैंड पर सन्नाटा छाया रहा, जबकि कुछ स्थानों पर डग्गामार वाहनों को यूनियन के सदस्यों ने रोक दिया।
इससे पूर्व टिहरी गढ़वाल मोटर ओनर्स यूनियन (टीजीएमओ) कार्यालय में ट्रक, टैक्सी, विक्रम, बस और ऑटो यूनियनों की बैठक हुई थी, जिसमें सर्वसम्मति से 29 अक्टूबर को चक्का जाम करने का निर्णय लिया गया। ट्रांसपोर्टरों ने कहा कि सरकार और परिवहन विभाग ने पूर्व में दिए आश्वासनों को पूरा नहीं किया, जिससे असंतोष बढ़ा है।
बैठक में एआरटीओ (प्रशासन) रावत सिंह कटारिया और एआरटीओ (प्रवर्तन) रश्मि पंत भी पहुंचे। उन्होंने 10 सूत्रीय मांगों में से अधिकांश के समाधान का आश्वासन दिया, जिसमें टैक्स माफी, किराया वृद्धि, फिटनेस सुविधा पुनः शुरू करने और ट्रकों की भार क्षमता बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।

Chief Editor, Aaj Khabar
