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Uttarakhand: आदि कैलाश 2026 यात्रा की तैयारियां तेज, बीआरओ के कमान अधिकारियों की मौजूदगी में शिव मंदिर में हुई विशेष पूजा अर्चना

Uttarakhand: आदि कैलाश 2026 यात्रा की तैयारियां तेज, बीआरओ के कमान अधिकारियों की मौजूदगी में शिव मंदिर में हुई विशेष पूजा अर्चना
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Uttarakhand: पिथौरागढ़ जनपद के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित आदि कैलाश और ओम पर्वत यात्रा को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। लोकप्रिय समाचार पत्र ‘दैनिक आज’ के उत्तराखंड प्रभारी दिनेश जोशी के नेतृत्व में टीम ने इन पवित्र स्थलों का स्थलीय निरीक्षण और यात्रा व्यवस्थाओं का जायजा लेना शुरू कर दिया है।

दिनेश जोशी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार आदि कैलाश यात्रा में श्रद्धालुओं को गूंजी के साथ ही समीपवर्ती नाभि गांव और कुटी गांव में ठहरने की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां रं समुदाय की महिलाओं द्वारा संचालित पारंपरिक होमस्टे में स्थानीय भोजन, स्वच्छ आवास और वाई-फाई जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी, जिससे यात्रियों को आध्यात्म और सुविधा का संतुलित अनुभव प्राप्त होगा।

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आदि कैलाश की भव्य हिमालयी पृष्ठभूमि में खड़े दैनिक आज के उत्तराखंड प्रभारी दिनेश जोशी

यात्रा मार्ग भी प्राकृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। रास्ते में बौद्ध पर्वत, कुटी गांव स्थित पांडव किला, ज्योलिंगकोंग में स्थित प्राचीन शिव मंदिर, भोजपत्र के घने जंगल और मनमोहक ग्लेशियर यात्रियों को अद्भुत अनुभूति कराते हैं। कुटी यांग्ती नदी, जो ग्लेशियरों से निर्मित है, उसके किनारे फैले विस्तृत बुग्याल और रंग-बिरंगे फूलों की चादर इस यात्रा को और भी आकर्षक बनाती है।

करीब 15 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित ज्योलिंगकोंग पहुंचने पर श्रद्धालुओं को पार्वती कुंड, भीम की खेती सहित पांडवकालीन ऐतिहासिक धरोहरों के दर्शन होते हैं, जो इस यात्रा को धार्मिक और ऐतिहासिक दृष्टि से विशेष बनाते हैं।

इसी क्रम में आज ज्योलिंगकोंग स्थित शिव मंदिर के कपाट भी बीआरओ के कमान अधिकारी की उपस्थिति में विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ खोल दिए गए। कपाट खुलने के साथ ही आदि कैलाश यात्रा ने औपचारिक रूप से गति पकड़ ली है और श्रद्धालुओं के लिए मार्ग प्रशस्त हो गया है।

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